अयोध्या में करोड़ों राम भक्तों को परेशान करने वाली चंदा चोरी की खबर को लेकर हाल ही में SIT की एक रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट में तमाम बड़े नामों को क्लीन चिट मिलने के बाद बड़ा बाद-विवाद छिड़ गया है।
इसी मुद्दे पर चर्चा करने के लिए अयोध्या से सीधे संत सेवक संतोष दूबे ने 'The Janpath News' से बातचीत की और SIT की रिपोर्ट से लेकर अयोध्या के वर्तमान हालात पर खुलकर अपनी बात रखी।
मछली और घड़ियाल की कहानी: बड़े लोग बचे, छोटे फंसे
संतोष दूबे ने SIT रिपोर्ट पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि बड़ी मछलियां यानी घड़ियाल बच गए हैं और छोटी मछलियां (जिन्हें स्थानीय भाषा में सेहरी या भूंटी कहते हैं) फंस गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरी जांच में बड़े नाम और तथाकथित 'चोर' सुरक्षित घूम रहे हैं और बहुत कुछ मिटा दिया गया है।
- भजनानंदी साधुओं को डरा-धमका कर मौन कर दिया गया है।
- 90 प्रतिशत साधु-संत, गृहस्थ और विरक्त इस SIT रिपोर्ट और चंदा चोरी से नाराज हैं।
- संतों का मानना है कि दी गई क्लीन चिट असंवैधानिक, अवैध और चोरों को बढ़ावा देने का रास्ता है।
रामलला के दर्शन के नाम पर ठगी और वीआईपी दर्शन का खेल
संतोष दूबे ने आरोप लगाया कि आज भी अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए 3000 से 10,000 रुपये तक के पास बन रहे हैं। वीआईपी दर्शन के नाम पर ठगी का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है और पुलिस वाले या दलाल पकड़े जा रहे हैं।
- ट्रस्ट में शामिल लोग ही इस चोरी और भ्रष्टाचार में संलिप्त हैं।
- एक महीने में 70 बार सीसीटीवी कैमरों के सामने चोरी और कैमरे के सामने चोर दिख रहे हैं, फिर भी SIT को चोरी नहीं दिखती।
- चंपत राय बंसल, अनिल मिश्रा और गोपाल राव जैसे नाम SIT को चोर नहीं दिखते।
भाजपा और योगी सरकार की छवि पर सवाल
संतोष दूबे ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा और कहा कि जो मुख्यमंत्री अपनी छाती ठोक कर खुद को राजपूत होने का गर्व महसूस कराते थे, आज वे भगवान राम के चोरों पर कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं।
- पूरा ट्रस्ट और SIT की रिपोर्ट भ्रष्टाचार को छिपाने का जरिया बन गई है।
- एसआईटी ने चंपत राय बंसल और अन्य लोगों को बचाकर चोरों को ही चोरी की रिपोर्ट सौंप दी है, जो एक बड़ा तमाशा है।
- जनता और साधु-संतों का भरोसा इस सरकार से पूरी तरह उठ चुका है और आने वाले चुनावों में इसका असर साफ दिखाई देगा।
अयोध्या में संतों और श्रद्धालुओं की उपेक्षा
संतोष दूबे ने बताया कि अयोध्या में साधु-संतों को अपनी बात रखने, बैठक करने या प्रेस कॉन्फ्रेंस करने से रोका जा रहा है। कंप्यूटर बाबा और अन्य संतो को अयोध्या में धमकाया जा रहा है और उनके कार्यक्रम रद्द करवाए जा रहे हैं।
- होटलों और धर्मशालाओं को प्रशासन द्वारा धमकाया जा रहा है ताकि कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस न हो सके।
- असली संतों और राम भक्तों को दबाने की कोशिश की जा रही है, जबकि चोर खुलेआम घूम रहे हैं।


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