सोमवार, 19 अक्टूबर 2026
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जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर के CJP प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस ने नहीं दी अनुमति, अभिजीत दिपके ने सरकार पर साधा निशाना
कानून व्यवस्था

जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर के CJP प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस ने नहीं दी अनुमति, अभिजीत दिपके ने सरकार पर साधा निशाना

दिल्ली पुलिस ने मुख्य चुनाव आयुक्त की जवाबदेही को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति रद्द कर दी है। इसके जवाब में प्रदर्शनकारी नेता अभिजीत दिपके ने सरकार पर डर और तानाशाही का आरोप लगाया है।

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राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को आयोजित होने वाले विरोध प्रदर्शन को लेकर स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) की जवाबदेही को लेकर प्रस्तावित धरने की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया है। पुलिस के इस फैसले के बाद प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बन गई है।

दूसरी तरफ, प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे कार्यकर्ताओं ने पुलिस और सरकार के इस कदम की तीखी आलोचना की है। एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए अभिजीत दिपके और उनके साथियों ने साफ किया कि संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत शांतिपूर्ण प्रदर्शन उनका मौलिक अधिकार है और वे गिरफ्तारी से नहीं डरते हैं।

दिल्ली पुलिस ने अनुमति न देने के बताए ये कारण

दिल्ली पुलिस की जॉइंट कमिश्नर नूपुर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से नई दिल्ली जिले में 10 अक्टूबर के प्रदर्शन को लेकर एक आवेदन मिला था। समीक्षा के बाद पुलिस ने इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने का फैसला किया।

  • समय सीमा का उल्लंघन: मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुसार जंतर-मंतर पर किसी भी कार्यक्रम या धरने के लिए कम से कम 10 दिन पहले आवेदन देना अनिवार्य होता है, जबकि यह सूचना बेहद अल्प समय में दी गई थी।
  • पूर्व आचरण: पुलिस के अनुसार, पूर्व में दिए गए मौकों पर संगठन द्वारा दिए गए अंडरटेकिंग और कानूनी दिशा-निर्देशों का सही ढंग से पालन नहीं किया गया था।
  • सुरक्षा और कानून-व्यवस्था: वर्तमान में सार्वजनिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए अनुमति नहीं दी गई।
  • धारा 163 BNSS लागू: नई दिल्ली इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है और लोगों को इसके उल्लंघन तथा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

अनुमति के सवाल पर अभिजीत दिपके का पलटवार

पत्रकारों द्वारा अनुमति न मिलने का सवाल पूछे जाने पर अभिजीत दिपके भड़क उठे। उन्होंने चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाते हुए कहा कि करोड़ों वोटरों के नाम में कथित बदलाव करने से पहले क्या किसी से अनुमति ली गई थी। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर एक तयशुदा प्रदर्शन स्थल है और संविधान का अनुच्छेद 19 नागरिकों को प्रदर्शन करने का अधिकार देता है।

दिपके ने सरकार पर भयभीत होने का आरोप लगाते हुए कहा कि ट्रेनों को रोकना, मेट्रो स्टेशनों और रास्तों को बंद करना सरकार के डर को दर्शाता है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर पुलिस गिरफ्तार करना चाहती है तो वे गिरफ्तारी देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

विदेशी समर्थन पर दो टूक: 'देश का जेन-ज़ी ही काफी'

पाकिस्तानी अभिनेत्री माहिरा खान द्वारा इस प्रदर्शन को समर्थन दिए जाने के सवाल पर अभिजीत दिपके ने दो टूक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी बाहरी देश या विदेशी हस्तियों के समर्थन की कोई आवश्यकता नहीं है। इस आंदोलन के लिए हमारे अपने देश के युवा और जेन-ज़ी ही काफी हैं।

बैरिकेडिंग से युवाओं को नहीं रोका जा सकता: साथी प्रदर्शनकारी

अभिजीत के साथ मौजूद युवा साथी ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार इतनी डरी हुई है कि उसने खुद ही पूरी दिल्ली में बंद जैसा माहौल बना दिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस चाहे जितने भी बैरिकेड लगा ले, वह युवाओं की आवाज और उनके आंदोलन को दबा नहीं सकती है।

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