मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। पार्टी का यह प्रदर्शन एसआईआर (SIR) में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर था। इस विरोध प्रदर्शन में हजारों की संख्या में युवाओं और नागरिकों ने हिस्सा लिया, जिसमें बॉलीवुड की कई जानी-मानी हस्तियों ने भी शामिल होकर सीजेपी की मांगों का समर्थन किया।
प्रदर्शन का नेतृत्व सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके, सह-संस्थापक सौरव दास और आशुतोष रांका ने किया। मंच से नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ तीखा हमला बोला।
चुनाव आयोग पर करोड़ों वोट काटने का गंभीर आरोप
मंच से भीड़ को संबोधित करते हुए सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने चुनाव आयोग पर मतदाताओं के नाम सूची से हटाने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश में चुनावी नतीजों को प्रभावित करने के लिए सुनियोजित तरीके से गड़बड़ियां की गई हैं।
अभिजीत दिपके ने भाषण के दौरान कई महत्वपूर्ण आंकड़े और बिंदु सामने रखे:
- पिछले दो वर्षों के भीतर देश भर में करीब 13 करोड़ मतदाताओं के वोट वोटर लिस्ट से हटाए गए।
- साल 2024 के लोकसभा चुनाव में कुल 97 करोड़ पंजीकृत मतदाता थे।
- एनडीए (NDA) और इंडिया (INDIA) गठबंधन के बीच कुल वोट शेयर का अंतर महज 2 प्रतिशत का था, जिसे प्रभावित करने के लिए यह धांधली की गई।
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को चुनाव से ठीक 15 दिन पहले पद पर नियुक्त किया गया था।
महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए वोट काटने का दावा
सीजेपी के सह-संस्थापक आशुतोष रांका ने अपने संबोधन में आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में भाजपा की सरकार बनवाने की नीयत से चुनाव आयोग ने लाखों वोट काटे हैं। उन्होंने कहा कि देश भर में करोड़ों नागरिक सिर्फ इसलिए वोट डालने से वंचित रह गए क्योंकि वे शायद सत्ताधारी दल के समर्थक नहीं थे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऐसे मतदाताओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था में जीने और वोट डालने का अधिकार नहीं है?
'जंतर-मंतर 2.0' का ऐलान और दिल्ली कूच की चेतावनी
पार्टी के सह-संस्थापक सौरव दास ने खुलासा किया कि मुंबई के प्रदर्शन के साथ-साथ कई प्रदर्शनकारी दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी जुटना चाहते थे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें बर्बरता से रोक दिया। उन्होंने दिल्ली पुलिस के इस रवैये की कड़ी निंदा करते हुए चेतावनी दी कि युवा अपनी आवाज दबने नहीं देंगे।
नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो देश भर के युवा दिल्ली की ओर कूच करेंगे और जंतर-मंतर पर 'जंतर-मंतर 2.0' आंदोलन शुरू किया जाएगा। मुंबई से शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन अब देश के अन्य शहरों में फैलने और दिल्ली में बड़े आंदोलन का रूप लेने की ओर बढ़ रहा है।


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