सोमवार, 19 अक्टूबर 2026
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दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी की इमारत ढही, मलबे में फंसे कई छात्रों के दबे होने की आशंका
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दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी की इमारत ढही, मलबे में फंसे कई छात्रों के दबे होने की आशंका

दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे एक बहुमंजिला पीजी इमारत भरभराकर गिर गई, जिससे मलबे में कई छात्रों के दबे होने की आशंका है। राहत और बचाव कार्य जारी है।

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दिल्ली के सत्य निकेतन आर.के. पुरम इलाके में रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे कुछ ही सेकंड में पूरी इमारत मलबे के ढेर में तब्दील हो गई। इस इमारत में एक हॉस्टल (PG) संचालित हो रहा था, जिसके कारण बच्चों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है।

घटना के बाद मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत व बचाव का काम शुरू करते हुए पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत अभियान में जुट गईं।

प्रशासनिक राहत और बचाव अभियान

घटना की गंभीरता को देखते हुए युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए हैं। राहत कार्यों में निम्नलिखित एजेंसियां और दल शामिल हैं:

  • DDMA और NDRF की टीमें
  • दिल्ली अग्निशमन सेवा और दिल्ली पुलिस
  • MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें

एहतियात के तौर पर आसपास की इमारतों को खाली करा लिया गया है, और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि स्थिति पर पूरी नजर रखी जा सके।

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के बयान

स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों और निवासियों के अनुसार, इस चार मंजिला इमारत में पीजी चल रहा था और अचानक इसके नीचे गिरने से नीचे कई लोग और बच्चे दब गए हैं। चश्मदीदों का दावा है कि मलबे के नीचे लगभग 20 से 30 बच्चे फंसे हो सकते हैं।

हालांकि अभी तक मलबे में फंसे लोगों की सही संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन रेस्क्यू टीम पूरी सावधानी के साथ मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश कर रही है। दो छात्रों का रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाल लिया गया है और घायलों को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हादसे के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया

इस हादसे के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है और विपक्ष को राज्य की सरकार व स्थानीय प्रशासन को घेरने का मौका मिल गया है। स्थानीय बीजेपी विधायक अनिल कुमार शर्मा भी मौके पर पहुंचे और बच्चों की जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाने की बात कही।

विधायक और स्थानीय लोगों ने पीजी हॉस्टलों के सुरक्षा मानकों, नक्शा पास होने की प्रक्रिया और फायर सेफ्टी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। हादसे के वास्तविक कारणों की जांच रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

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