राजधानी दिल्ली में सागर रत्ना के बाहर विपक्षी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के एकत्र होने के बाद हलचल तेज हो गई। इलाके में प्रदर्शन की संभावना को देखते हुए दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों ने व्यापक स्तर पर सुरक्षा इंतजाम किए और पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया।
नेताओं के आगमन के साथ ही भारी संख्या में मीडियाकर्मी और सुरक्षा कर्मी मौजूद रहे। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए सुरक्षा बलों ने जगह-जगह अवरोधक लगाए और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
इलाके में कड़ी सुरक्षा और बैरिकेडिंग
प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों ने सड़क और आसपास के रास्तों पर पीले रंग के बैरिकेड्स लगाकर आवाजाही को सीमित कर दिया। सुरक्षा बलों की कई टुकड़ियां मौके पर मुस्तैद रहीं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
- दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ सुरक्षा बलों के कर्मियों की व्यापक तैनाती की गई।
- रास्तों पर बैरिकेडिंग लगाकर भीड़ को एक निश्चित दायरे में रोकने का प्रयास किया गया।
- वाहनों के आने-जाने और मीडिया कैमरों की व्यवस्था को लेकर पुलिस लगातार निर्देश देती रही।
विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी
इस दौरान विपक्षी दलों के कई प्रमुख चेहरे मौके पर पहुंचे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पहुंचते ही समर्थकों और मीडिया का भारी जमावड़ा लग गया। खरगे ने हाथ हिलाकर अभिवादन किया और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की।
इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ'ब्रायन भी खास विरोध दर्ज कराते हुए टी-शर्ट पहने नजर आए, जिस पर चुनाव आयोग को लेकर नारे लिखे हुए थे। वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल सहित अन्य नेता भी स्थल पर पहुंचे और आपस में चर्चा करते दिखे।
नारेबाजी और सरकार के खिलाफ रोष
मौके पर मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया। भीड़ में 'भारत माता की जय' के नारे भी गूंजे, जबकि कुछ नेताओं ने सुरक्षा व्यवस्था और पाबंदियों को लेकर प्रशासन व सरकार पर तंज कसे।
नेताओं का कहना था कि शांतिपूर्ण विरोध और अपनी बात रखने के अधिकार को रोकने के लिए भारी पुलिस बल का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने आपसी एकजुटता दिखाई और आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया।


0 टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले टिप्पणी करें।