दिल्ली की मतदाता सूची में एक बड़ा बदलाव सामने आया है, जहां विशेष गहन रिवीजन (SIR) के बाद जारी नई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से लगभग 47 लाख नाम गायब हो गए हैं। आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का लगभग हर तीसरा रजिस्टर्ड वोटर अब नई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर हो गया है, जिससे मतदाताओं और राजनीतिक दलों दोनों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
एसआईआर से पहले दिल्ली में कुल 1,45,10,299 मतदाता दर्ज थे, लेकिन नई ड्राफ्ट लिस्ट में यह संख्या घटकर केवल 97,53,577 रह गई है। यानी करीब 32.8% नाम ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल नहीं हैं, और अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि फाइनल लिस्ट आने तक इनमें से कितने नाम वापस जुड़ते हैं।
47 लाख नामों का गणित और श्रेणियां
चुनाव अधिकारियों के अनुसार, जिन लोगों के एन्यूमरेशन फॉर्म कलेक्ट नहीं हो पाए हैं, उन्हें अलग-अलग श्रेणियों में रखा गया है। इन आंकड़ों के विश्लेषण से कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं:
- लगभग 2,82,412 मतदाता मृत पाए गए।
- करीब 1,41,523 एंट्रीज डुप्लीकेट बताई गईं।
- सबसे बड़ा आंकड़ा लगभग 43,32,775 मतदाताओं का है, जिन्हें स्थायी रूप से शिफ्टेड, एब्सेंट या अनवेरिफाइड श्रेणियों में बताया गया है।
राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया और सवाल
इस बड़े खुलासे के बाद दिल्ली की राजनीति गरमा गई है और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर चुनाव आयोग पर तीखा तंज कसा है। केजरीवाल ने कहा कि भारत सरकार को जनसंख्या को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि चुनाव आयोग इस प्रकार की प्रक्रिया से देश की आबादी को घटा सकता है।
दूसरी ओर, कांग्रेस ने भी अपनी रणनीति तेज कर दी है और दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव पहले ही कह चुके हैं कि पार्टी ने 13,000 से अधिक बूथ लेवल एजेंट सक्रिय किए हैं ताकि किसी भी एलिजिबल वोटर का नाम सूची से न हटे।
क्लेम और ऑब्जेक्शन की प्रक्रिया
यदि आपका नाम भी नई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है, तो घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि चुनाव आयोग ने इसके लिए एक निश्चित प्रक्रिया तय की है:
- 31 अगस्त से 30 सितंबर तक क्लेम्स और ऑब्जेक्शन का समय दिया गया है।
- पात्र मतदाता फॉर्म 6, निर्धारित घोषणा और जरूरी सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स के साथ अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- नाम में किसी भी प्रकार के करेक्शन के लिए फॉर्म 8 का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिसके बाद जांच और जरूरत पड़ने पर वेरिफिकेशन की प्रक्रिया होगी।
चुनावी प्रक्रिया के तहत अंतिम वोटर लिस्ट 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित होने की उम्मीद है। तब तक यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बड़ी संख्या में से कितने वैध मतदाता अपने मताधिकार को बचाने में सफल होते हैं।


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