सोमवार, 19 अक्टूबर 2026
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‘एक कचौड़ी, दो समोसा… BJP पर नहीं भरोसा’, अखिलेश यादव के नारे पर भाजपा का तीखा पलटवार
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‘एक कचौड़ी, दो समोसा… BJP पर नहीं भरोसा’, अखिलेश यादव के नारे पर भाजपा का तीखा पलटवार

उत्तर प्रदेश की सियासत में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के नए नारे ने सियासी घमासान छेड़ दिया है। अखिलेश के इस नारे पर भाजपा नेताओं ने तीखा पलटवार करते हुए सपा के पिछले कार्यकाल और उनके पीडीए फॉर्मूले पर जमकर निशाना साधा है।

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उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के 'एक कचौड़ी, दो समोसा' वाले बयान और नारे ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। जहां सपा कार्यकर्ता और नेता इस नारे को लेकर उत्साहित हैं, वहीं भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोलते हुए दावा किया है कि इस तरह के नारों से सपा को कोई फायदा नहीं मिलने वाला है।

2027 के विधानसभा चुनावों से पहले उपजे इस जुबानी संग्राम में भाजपा मंत्रियों और विधायकों ने सपा के पुराने शासनकाल के अपराध, दंगों और माफियाराज को याद दिलाते हुए अखिलेश यादव पर पलटवार किया है।

भाजपा नेताओं का पलटवार: 'दो कचौड़ी एक समोसा, जनता को सिर्फ BJP पर भरोसा'

अखिलेश यादव के नारे पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि अब जनता का विश्वास केवल भाजपा पर है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ने पांच साल तक अखिलेश यादव की सरकार को झेला है और उस दौर में राज्य को केवल नकारात्मक चीजें मिलीं।

  • दंगे और फसाद: सपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब रही।
  • अपराध और माफियाराज: व्यापारियों और आम लोगों में असुरक्षा का माहौल था।
  • परिवारवाद: विकास की जगह सिर्फ परिवार विशेष के हितों को प्राथमिकता दी गई।

नरेंद्र कश्यप ने जोर देकर कहा कि यूपी की जनता अब समाजवादी पार्टी को किसी भी कीमत पर सत्ता में लाने को तैयार नहीं है और राज्य में दोबारा कमल ही खिलेगा।

शलभ मणि त्रिपाठी का तंज: हताशा में ऐसे मुहावरे बोल रहे अखिलेश

भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने भी अखिलेश यादव पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि सपा अध्यक्ष को अपनी चुनावी हार का पहले ही अंदाजा हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब समाजवादी पार्टी सत्ता में थी, तब व्यापारी वर्ग से गुंडे और माफिया लूटपाट करते थे और दुकानों में कुछ भी सुरक्षित नहीं बचता था। निराशा और हताशा के चलते ही अखिलेश यादव इस तरह के मुहावरों और नारों का सहारा ले रहे हैं।

केशव प्रसाद मौर्य और ओपी राजभर ने PDA को बताया 'फर्जी'

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के नारे पर भी तीखा हमला बोला:

  • परिवार डेवलपमेंट एजेंसी: केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अखिलेश यादव का पीडीए पूरी तरह फर्जी है और असल में यह 'परिवार डेवलपमेंट एजेंसी' है, जो दंगाइयों, अपराधियों और माफियाओं को संरक्षण देती है।
  • सैफई वापसी का दावा: मौर्य ने दावा किया कि 2027 चुनाव के नतीजे आने के बाद सपा एक बार फिर सैफई की ओर प्रस्थान करती दिखेगी।
  • रंग बदलने का आरोप: मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कटाक्ष किया कि अखिलेश का पीडीए हर हफ्ते अपना रंग बदलता है।

2022 से 2027: नारों के इर्द-गिर्द घूमती यूपी की सियासत

उत्तर प्रदेश के चुनावी इतिहास में नारों की हमेशा से अहम भूमिका रही है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान 'फिर एक बार योगी सरकार', 'आ रहे हैं अखिलेश' और 'लड़की हूं लड़ सकती हूं' जैसे नारे खूब गूंजे थे। अब 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच 'कचौड़ी और समोसे' की सियासत के जरिए दोनों प्रमुख दल जनता के बीच अपनी पैठ बनाने की होड़ में जुट गए हैं।

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