मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में राजधानी दिल्ली में विपक्षी दलों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भारी गतिरोध देखने को मिला। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और दीपेंद्र हुड्डा समेत कई प्रमुख नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस दौरान मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की।
पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद विपक्षी नेताओं को बसों में बैठाया गया। इस दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ तीखा आक्रोश व्यक्त किया और लोकतंत्र को दबाने का आरोप लगाया।
पुलिस पर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को जबरन हटाने का आरोप
प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए नेताओं ने पुलिसिया कार्रवाई की कड़ी निंदा की। बस की खिड़की से मीडिया से बात करते हुए एक नेता ने कहा कि जो लोग शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज करा रहे हैं, उन्हें पुलिस जबरन उठा-उठाकर फेंक रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोकतंत्र की हत्या करने वालों को बचाने का प्रयास कर रही है और जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ ठोस कदम नहीं उठाए जाते, यह संघर्ष जारी रहेगा।
राहुल गांधी ने प्रशासन से पूछा- 'बताइए कहां बैठ सकता हूं?'
बैरिकेड और गेट के पीछे से मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वे केवल शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना चाहते हैं, लेकिन उन्हें कहीं भी बैठने नहीं दिया जा रहा है।
राहुल गांधी ने कहा, 'मैंने पुलिस वालों से प्यार से कहा कि मैं पहले वहां बैठा था, वहां से आपने मुझे हटा दिया। अब मैं यहां आ गया हूं, तो यहां से भी आप मुझे हटाना चाहते हैं। मैंने सिर्फ पुलिस वालों से कहा कि ठीक है, यहां से हटाना है तो हटा दीजिए, मगर मुझे बता दीजिए कि मैं इस देश में कहां पर बैठ सकता हूं? इंडिया गेट पर बैठ सकता हूं, जंतर-मंतर पर बैठ सकता हूं या सड़क पर बैठ सकता हूं? बस मुझे एक जगह बता दीजिए, मैं वहीं जाकर बैठ जाऊंगा।'
प्रदर्शनकारियों और विपक्षी दलों के प्रमुख मुद्दे
प्रदर्शन स्थल पर कांग्रेस के साथ-साथ समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी तख्तियां और बैनर लेकर पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें और आरोप इस प्रकार रहे:
- स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव (Fair Votes, Free Elections) सुनिश्चित किए जाएं।
- मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन पर पक्षपात के आरोप।
- शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और धरना देने के लोकतांत्रिक अधिकार की बहाली।
भाजपा का पलटवार: 'विपक्ष ड्रामा करना बंद करे'
विपक्ष के इस प्रदर्शन पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने तीखा पलटवार किया। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने विपक्षी नेताओं को नसीहत दी कि उन्हें राजनीति में सेवा भाव अपनाना चाहिए।
किरेन रिजिजू ने कहा, 'मोदी जी से सीखिए, बीजेपी कार्यकर्ताओं से सीखिए, जो अपने लिए नहीं बल्कि समाज और देश के लिए निरंतर निस्वार्थ होकर सेवा करते रहते हैं। आप भी सेवा कीजिए और यह ड्रामा करना बंद कीजिए।'


0 टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले टिप्पणी करें।