ज्ञानेश कुमार विवाद को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में भारी हंगामा देखने को मिला। शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे आप नेताओं को आगे बढ़ने से रोकने के बाद पुलिस ने राज्यसभा सांसद संजय सिंह, दिल्ली के मंत्री सौरभ भारद्वाज सहित कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
प्रदर्शन स्थल पर पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग किए जाने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए कई नेताओं को बसों और पुलिस गाड़ियों में भरकर मौके से हटा दिया।
बैरिकेडिंग को लेकर पुलिस और संजय सिंह में तीखी बहस
प्रदर्शन के दौरान आप सांसद संजय सिंह ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से सवाल करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करना उनका अधिकार है और इसे रोका नहीं जाना चाहिए।
- संजय सिंह ने कहा कि जब तक कोई हिंसा न हो, तब तक पुलिस को शांतिपूर्ण प्रदर्शन रोकने का अधिकार नहीं है।
- उन्होंने कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए शांतिपूर्ण धरने और आंदोलन को आगे बढ़ने देने की मांग की।
- वरिष्ठ अधिकारियों से बात कराने की मांग करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस जानबूझकर शांतिपूर्ण आवाज को दबा रही है।
सड़क पर बैठकर नारेबाजी, पुलिस ने घसीटकर हिरासत में लिया
बैरिकेड्स पर रोके जाने के बाद आप नेता और कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने 'वोट चोर गद्दी छोड़' और 'पुलिस के दम पर ये सरकार नहीं चलेगी' जैसे नारे लगाए।
इसके बाद भारी संख्या में मौजूद दिल्ली पुलिस और सुरक्षाबलों ने सड़क पर बैठे नेताओं और कार्यकर्ताओं को घसीटकर और उठाकर पुलिस वाहनों में बैठाना शुरू किया। भीड़ में महिला कार्यकर्ताओं की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस को मौके पर महिला पुलिसकर्मियों (लेडीज स्टाफ) को बुलाने के निर्देश देने पड़े।
पुलिस पर लगा गला दबाने का गंभीर आरोप
पुलिस वाहन में बैठाए जाने के दौरान मीडिया से बात करते हुए सांसद संजय सिंह ने बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा उनके साथ ज्यादती की जा रही है और प्रदर्शनकारियों को जबरन दबाने का प्रयास हो रहा है।
- संजय सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनका गला दबाकर उन्हें मारने की कोशिश की।
- उन्होंने कहा कि वोट चोरों को बचाने के लिए प्रशासन द्वारा ऐसी तानाशाही और बर्बरता की जा रही है।
- वहीं हिरासत में लेने की इस कार्रवाई के दौरान सौरभ भारद्वाज सहित अन्य आप नेताओं और महिला कार्यकर्ताओं को भी बसों में भरकर ले जाया गया।


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