सोमवार, 19 अक्टूबर 2026
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जनपथ से जंतर मंतर की ओर कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन: बसों में सवार हुए सांसद, रास्ते सील होने से लगा जाम
राजनीति

जनपथ से जंतर मंतर की ओर कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन: बसों में सवार हुए सांसद, रास्ते सील होने से लगा जाम

दिल्ली में जनपथ चौराहे से जंतर मंतर की ओर मार्च निकाल रहे कांग्रेस सांसदों और कार्यकर्ताओं के कारण भारी भीड़ और जाम की स्थिति बन गई। सुरक्षा व्यवस्था के तहत रास्तों को बंद किए जाने के बीच पार्टी नेता बसों में सवार होकर प्रदर्शन के लिए आगे बढ़े।

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राजधानी दिल्ली में जनपथ से जंतर मंतर की तरफ बढ़ रहे कांग्रेस पार्टी के प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जनपथ चौराहे पर भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता जुटे, जिसके चलते पूरे इलाके में जाम की स्थिति पैदा हो गई। पुलिस प्रशासन द्वारा चारों तरफ से रास्ते बंद किए जाने के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।

कांग्रेस नेताओं का यह मार्च लंच के तुरंत बाद जंतर मंतर पर धरना-प्रदर्शन के उद्देश्य से निकाला गया। लगभग एक से डेढ़ किलोमीटर की इस दूरी को तय करने के लिए कांग्रेस सांसदों को तीन विशेष बसों में रवाना किया गया, हालांकि भारी भीड़ और सुरक्षा बैरिकेड्स की वजह से काफिला धीमी गति से आगे बढ़ सका।

बसों में सवार होकर निकले पार्टी के शीर्ष नेता

जंतर मंतर की ओर जा रही बसों में कांग्रेस के कई प्रमुख नेता और सांसद मौजूद रहे। कुछ नेता बस के अंदर बैठे नजर आए तो कई युवा और वरिष्ठ नेता बस की छत पर खड़े होकर कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते दिखे।

  • बस की अगली सीट पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बैठे दिखाई दिए।
  • बस की छत पर इमरान मसूद, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, दीपेंद्र सिंह हुड्डा और इमरान प्रतापगढ़ी जैसे नेता मौजूद रहे।
  • तीन बसों में पार्टी के अलग-अलग सांसद और वरिष्ठ पदाधिकारी सवार होकर आगे बढ़े।

एफआईआर पर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया का जिक्र

प्रदर्शन के दौरान आकाशवाणी भवन में जाने को लेकर दर्ज हुए मुकदमे का मामला भी चर्चा में रहा। इससे पहले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत पार्टी के कई नेताओं के वहां पहुंचने पर ट्रेसपासिंग की एफआईआर दर्ज की गई थी।

इस कानूनी कार्रवाई पर राहुल गांधी के रुख का हवाला देते हुए बताया गया कि उनके खिलाफ पहले से 45 मुकदमे दर्ज हैं और अगर मुकदमों की संख्या 100 भी हो जाए तो उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने इन मुकदमों और एफआईआर को अपने लिए मेडल की तरह बताया है।

चुनाव आयोग से मुलाकात और धरने की मांग

कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं का आरोप है कि चुनाव आयुक्त जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों से मिलने को तैयार नहीं हैं। पार्टी का कहना है कि वे अपनी बात रखने के लिए चुनाव आयोग के पास जाना चाहते हैं, लेकिन मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

चंडीगढ़ से पहुंचे एक प्रदर्शनकारी ने बातचीत में कहा कि सरकार और प्रशासन को लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को जगह देनी चाहिए। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर निष्पक्ष सुनवाई नहीं होती और जिम्मेदार पदों से इस्तीफे नहीं दिए जाते, उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

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