हाल ही में 'द जनपथ न्यूज़' के साथ एक विशेष बातचीत में प्रसिद्ध शायर नदिम फारुख ने कंगना रनौत और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की राजनीति पर खुलकर बात की। उन्होंने बातचीत के दौरान यह भी कहा कि कंगना रनौत के लिए यह बुरी खबर है कि स्मृति ईरानी वापस आ गई हैं, जिससे उन्हें अब उतना 'फ्री फील्ड' नहीं मिलेगा।
कंगना रनौत के चेहरे और राजनीतिक भविष्य पर चर्चा
शायर नदिम फारुख ने कहा कि कंगना रनौत के चेहरे कई हैं और वह इस कोशिश में लगी हैं कि उन्हें बीजेपी का सबसे ज्यादाो बोल्ड और बहादुर फीमेल कैरेक्टर मान लिया जाए। उन्होंने आगे कहा कि स्मृति ईरानी की वापसी के बाद अब कंगना को वह खुला मैदान और फ्रीबीज नहीं मिलेंगे जो पहले मिल रहे थे।
'गटर जनरेशन' शब्द और राजनीति में भाषा का स्तर
नदिम फारुख ने 'गटर जनरेशन' जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने बताया कि इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल असल में नंबर बढ़ाने के खेल का हिस्सा है, जहां जो जितना खराब बोल सकता है, उसे उतना ही बड़ा स्थान मिलता है।
प्रधानमंत्री मोदी के भाषण और 'दिमागी नक्सल' बयान पर प्रतिक्रिया
15 अगस्त के भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 'दिमागी नक्सल' शब्द के इस्तेमाल पर नदिम फारुख ने कहा कि इस देश में पिछले एक दशक से सियासत के नाम पर दो बड़े काम चल रहे हैं—
- नरेटिव बिल्डिंग (Narrative Building)
- हेडलाइन मैनेजमेंट (Headline Management)
उन्होंने यह भी जोड़ा कि आज देश की नई पीढ़ी हिंदू-मुस्लिम की पुरानी बहसों से आगे बढ़कर अपनी बुनियादी समस्याओं और ज़मीनी मुद्दों पर बात करना चाहती है, लेकिन संवाद और भाषा का स्तर गिरता जा रहा है जिसे सुधारने की ज़रूरत है।


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