सोमवार, 19 अक्टूबर 2026
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दिल्ली में 'मार्च फॉर डेमोक्रेसी': बाराखंभा से सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़े राहुल, प्रियंका और विपक्षी नेता; लगे 'वोट चोर गद्दी छोड़' के नारे
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दिल्ली में 'मार्च फॉर डेमोक्रेसी': बाराखंभा से सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़े राहुल, प्रियंका और विपक्षी नेता; लगे 'वोट चोर गद्दी छोड़' के नारे

नई दिल्ली में विपक्षी दलों ने 'मार्च फॉर डेमोक्रेसी' के तहत बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट की ओर पैदल मार्च निकाला। इस विशाल प्रदर्शन में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव समेत कई दिग्गज नेता सड़कों पर उतरे और चुनाव आयोग व केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

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राजधानी दिल्ली में विपक्षी दलों द्वारा 'मार्च फॉर डेमोक्रेसी' का आयोजन किया गया, जिसमें कांग्रेस समेत 'इंडिया' गठबंधन के कई दलों के नेता और हजारों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए इस विरोध मार्च में लोकतंत्र बचाने और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों के भारी हुजूम को देखते हुए दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए और जगह-जगह भारी बैरिकेडिंग की।

सड़कों पर उतरा विपक्ष का भारी हुजूम

इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, वामपंथी दलों (CPI/CPM), युवा कांग्रेस, एनएसयूआई और एआईएसएफ से जुड़े कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। भीड़ ने हाथों में तिरंगा, पार्टी के झंडे, संविधान की प्रतियां और महात्मा गांधी व डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीरें थाम रखी थीं। सड़कों पर प्रदर्शनकारियों की भारी तादाद की वजह से यातायात पूरी तरह थम गया और सुरक्षा बलों को व्यवस्था संभालने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी।

प्रदर्शनकारियों के मुख्य मुद्दे और प्रमुख मांगें

मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर ले रखे थे, जिन पर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए थे। प्रदर्शन में मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें और नारे प्रमुखता से उठाए गए:

  • मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनकी जवाबदेही की मांग को लेकर 'ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो' और 'ज्ञानेश गो बैक' के नारे लगाए गए।
  • 'वोट चोर गद्दी छोड़' और 'लोकतंत्र की हत्या बंद करो' के नारों के साथ चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठाए गए।
  • 'जब-जब मोदी डरता है, पुलिस को आगे करता है' और 'तानाशाही नहीं चलेगी' जैसे नारों के साथ सरकार की नीतियों के खिलाफ आक्रोश जताया गया।
  • हाथों में 'सेव इंडिया' और 'संविधान बचाओ' के पोस्टर लेकर सुप्रीम कोर्ट तक न्याय की गुहार लगाने की बात कही गई।

पैदल मार्च के बाद वाहन पर सवार हुए शीर्ष नेता

प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ के बीच पैदल आगे बढ़े। बाद में सुरक्षा घेरे और कार्यकर्ताओं के भारी दबाव के बीच राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और डीके शिवकुमार सहित कई नेता एक खुले वाहन (ट्रक) पर सवार हुए। वाहन से नेताओं ने कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया और लोकतंत्र व संविधान की रक्षा के लिए एकजुटता दिखाई।

बैरिकेडिंग और सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त

मार्च को सुप्रीम कोर्ट की तरफ बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने बहुस्तरीय बैरिकेड्स और वाटर कैनन (वरुण वाहन) तैनात किए थे। कई मौकों पर कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स पर चढ़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। मंच और वाहन से वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने और संयम के साथ अपनी आवाज उठाने की लगातार अपील की।

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