नेपाल में आए भीषण जल प्रलय ने सब कुछ तबाह कर दिया है, जिससे हर तरफ बर्बादी के निशान, खंडहर और लोगों का बेहिसाब दर्द नजर आ रहा है। इस आपदा में कई लोगों ने अपना सब कुछ खो दिया है और भीषण बाढ़ से मौत का आंकड़ा बढ़कर 900 के पार हो गया है, जबकि अब भी हजारों लोग लापता हैं।
जल प्रलय और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान
बाढ़ के बीच त्रिशूल नदी में 130 मीटर लंबा सस्पेंशन ब्रिज बह गया है और कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में मलबा भर गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार त्रिशूल पुल और नए-पुराने ब्रिज बह जाने से बाजार और कई घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं।
राहत और बचाव कार्य
हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। त्रिशूल 3A समेत कई प्रोजेक्ट्स के मुहाने पर जमा मलबा और कीचड़ हटाकर अंदर पहुंचने की कोशिश की जा रही है, और नेपाल सेना द्वारा प्रभावित लोगों को राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
शवों की पहचान और दफनाने की प्रक्रिया
देवघाट जंगल में प्रशासन ने सैकड़ों कब्रें तैयार की हैं जहाँ पिछले दो दिनों में कई अज्ञात शव दफनाए गए हैं। लंबे समय तक पानी में रहने के कारण शव खराब हो गए हैं, जिससे उनकी पहचान मुश्किल हो रही है और प्रशासन हर शव को पहचान नंबर देकर रिकॉर्ड कर रहा है ताकि बाद में डीएनए जांच के जरिए परिजनों को सौंपा जा सके।


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