राजधानी दिल्ली में सड़कों के निर्माण कार्य और गुणवत्ता को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी के नेता जरनैल सिंह ने भाजपा और पूर्व सांसद प्रवेश वर्मा पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि सड़क निर्माण की हकीकत सामने लाने पर उनके और उनके सहयोगी के साथ बदसलूकी व मारपीट की गई।
जरनैल सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि भाजपा के नेता भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने के लिए गुंडागर्दी का सहारा ले रहे हैं और जनता के पैसों से बनने वाली सड़कों की पोल खुलने पर बौखलाहट में ऐसी हरकतें कर रहे हैं।
सड़क की गुणवत्ता पर उठा सवाल और विवाद की शुरुआत
जरनैल सिंह के अनुसार, उन्होंने इलाके में बनी नई सड़क की घटिया गुणवत्ता को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए थे और प्रशासन व मुख्यमंत्री को चुनौती दी थी। इसके बाद उन्हें भाजपा नेता प्रवेश वर्मा की ओर से मौके पर आने को कहा गया ताकि सड़क की गुणवत्ता की जांच की जा सके।
जरनैल सिंह ने दावा किया कि जब वे मौके पर पहुंचे और हाथ से सड़क की ऊपरी परत उखाड़कर दिखाई, तो सड़क की बदहाली सबके सामने आ गई। इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
हाथापाई, फोन तोड़ने और थप्पड़ मारने का आरोप
जरनैल सिंह ने आरोप लगाया कि सड़क की खराब गुणवत्ता उजागर होते ही भाजपा नेताओं के कैमरे बंद कर दिए गए, जबकि उनके साथी इस घटनाक्रम को रिकॉर्ड कर रहे थे। उन्होंने निम्नलिखित आरोप लगाए:
- सच सामने आने पर प्रवेश वर्मा गुस्से में आ गए और उन्होंने सवाल पूछ रहे सोशल मीडिया सहयोगी का फोन छीनकर जमीन पर पटक दिया।
- सहयोगी को सार्वजनिक रूप से थप्पड़ मारा गया और उनके साथियों व सुरक्षाकर्मियों ने उसके साथ लात-घूंसों से मारपीट की।
- घटना के तुरंत बाद भाजपा नेता अपनी गाड़ी में बैठकर मौके से चले गए।
पुलिस की भूमिका पर सवाल और हिरासत का मामला
जरनैल सिंह ने दावा किया कि यह पूरी घटना विकासपुरी के एसएचओ की मौजूदगी में हुई, इसके बावजूद पुलिस ने अब तक प्रवेश वर्मा के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है।
उन्होंने बताया कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कार्रवाई करने की जगह उन्हें और सौरभ भारद्वाज सहित अन्य समर्थकों को रातभर थाने में डिटेन करके रखा गया। उन्होंने कहा कि रात में थाने के अंदर ही उन्होंने शहीद भगत सिंह की जयंती मनाई और केक काटा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पर्याप्त सबूत और गवाह मौजूद हैं, तो पुलिस एफआईआर दर्ज करने से क्यों बच रही है।
जनता के टैक्स के पैसे और 'सोशल ऑडिट' की मांग
जरनैल सिंह ने दावा किया कि इस सड़क के निर्माण पर जनता के टैक्स का लगभग 23 करोड़ 69 लाख रुपये खर्च किया गया है। उन्होंने आम जनता से भी अपील की:
- अपने इलाके में होने वाले किसी भी विकास कार्य का वर्क ऑर्डर जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग से जरूर मांगें।
- रिटायर्ड इंजीनियरों और स्थानीय लोगों की मदद से विकास कार्यों का 'सोशल ऑडिट' करवाएं।
- सरकारी निर्माण कार्यों में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक इस सड़क घोटाले की निष्पक्ष जांच नहीं होती और प्रवेश वर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाती, तब तक उनका यह विरोध और संघर्ष जारी रहेगा।


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