नई दिल्ली में आयोजित संयुक्त विपक्ष की प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में वास्तविक लोकतांत्रिक व्यवस्था की बहाली के लिए सभी विपक्षी दल एकजुट होकर संघर्ष कर रहे हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति को रोकने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे विपक्ष किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा।
राहुल गांधी ने कहा कि सरकार यह न समझे कि वह संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं को नुकसान पहुंचाकर आसानी से बच निकलेगी। उन्होंने जनता के समर्थन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह संघर्ष किसी एक दल का नहीं बल्कि भारत के भविष्य की लड़ाई है।
संविधान के साथ खिलवाड़ करने वालों की जवाबदेही होगी तय
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने सीधे तौर पर सत्ता पक्ष के प्रमुख चेहरों का नाम लेते हुए कहा कि जो लोग लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं, उनका घेरा अब तंग होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे किसी भी व्यक्ति को कानून और न्याय के दायरे से बाहर नहीं जाने दिया जाएगा।
- उन्होंने नरेंद्र मोदी को इस व्यवस्था का मुख्य वास्तुकार (आर्किटेक्ट) करार दिया।
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इन नीतियों को लागू करने वाला बताया।
- इसके साथ ही ज्ञानेश कुमार और अन्य अधिकारियों का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान से खिलवाड़ करने वालों को जवाबदेह बनाया जाएगा।
'यह लड़ाई रुकने वाली नहीं': दृढ़ संकल्प दोहराया
राहुल गांधी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि विपक्ष की यह मुहिम किसी एक दिन या महीने की नहीं है, बल्कि यह एक लंबी लड़ाई है। उन्होंने कहा कि चाहे तीन महीने लगें, छह महीने, एक साल या दो साल, जब तक अंतिम लक्ष्य हासिल नहीं हो जाता, यह संघर्ष बिना रुके जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि जिस ऊर्जा और एकता के साथ जनता और विपक्ष लामबंद हुए हैं, उसी शक्ति के साथ आगे भी लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की जाएगी। उन्होंने जनता के समर्थन और पत्रकारों की भूमिका की भी सराहना की।
सुप्रीम कोर्ट और न्यायपालिका पर क्या बोले राहुल गांधी?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंतिम हिस्से में न्यायपालिका के संदर्भ में पूछे गए सवाल पर राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट और देश की न्यायिक व्यवस्था पर पूरा भरोसा और गहरा सम्मान है।
- उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका है।
- विपक्ष उम्मीद करता है कि संवैधानिक संस्थाएं अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्पक्षता से निभाएंगी।
- उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि संस्थाओं की भूमिका के साथ-साथ राजनीतिक और जन-प्रतिरोध भी निरंतर जारी रहेगा।


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