राजधानी दिल्ली में कथित वोट चोरी, एसआईआर (SIR) में अनियमितताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस समेत 'इंडिया' गठबंधन के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक 'चलो दिल्ली: मार्च फॉर डेमोक्रेसी' के तहत विरोध मार्च निकाला। विपक्ष का सीधा आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है और चुनाव आयोग निष्पक्षता से काम नहीं कर रहा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर तीखा हमला
विरोध मार्च से पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पूरे शहर को छावनी और जेल में तब्दील कर दिया है ताकि प्रदर्शनकारियों की आवाज को दबाया जा सके।
राहुल गांधी ने सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए सवाल दागे:
- दिल्ली को एक जेल और किले (Fortress) में क्यों तब्दील कर दिया गया है?
- प्रदर्शन में शामिल होने आ रहे लोगों की ट्रेनों और बसों को क्यों रोका जा रहा है?
- हजारों प्रदर्शनकारियों को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में क्यों लिया गया?
- देशभक्त युवाओं पर पेलेट गन और लाठियां चलाई जा रही हैं, जबकि भाजपा-आरएसएस से जुड़े लोगों को खुली छूट दी जा रही है।
'ज्ञानेश कुमार को बचा रही है सरकार'
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने की पूरी कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष भले ही ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार उन्हें जितना अधिक प्रोटेक्ट करेगी, अंत में विपक्ष उनके 'कंट्रोलर' तक पहुंचेगा।
कांग्रेस नेता ने दो टूक कहा कि जब तक चुनावी प्रक्रिया में कथित वोट चोरी बंद नहीं होती और मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं देते, तब तक यह आंदोलन अनवरत जारी रहेगा, चाहे इसमें महीनों लगें या साल।
बीजेपी का पलटवार: 'राहुल गांधी निभा रहे अर्बन नक्सल की भूमिका'
राहुल गांधी के तीखे हमलों के बाद भारतीय जनता पार्टी ने भी फौरन पलटवार किया। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने विपक्ष के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए राहुल गांधी की नीयत पर सवाल खड़े किए।
गिरिराज सिंह ने पलटवार करते हुए कहा:
- अगर चुनाव में वोट चोरी हुई थी, तो राहुल गांधी आज नेता प्रतिपक्ष (LoP) कैसे बने हुए हैं?
- बिहार में जब चुनाव आयोग ने गड़बड़ी के सबूत मांगे थे, तो विपक्ष ने सबूत क्यों नहीं पेश किए?
- राहुल गांधी ने सिर्फ झूठ बोलने का ठेका ले रखा है और वह खुद को 'अर्बन नक्सल' के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।
फिलहाल दिल्ली की सड़कों पर शुरू हुआ यह सियासी संग्राम केवल एक विरोध मार्च तक सीमित नहीं है, बल्कि अब यह चुनावी निष्पक्षता, चुनाव आयोग की जवाबदेही और लोकतंत्र की विश्वसनीयता को लेकर पक्ष-विपक्ष की सीधी जंग बन चुका है।


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