उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर के दान पात्र और कैश काउंटिंग रूम से चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल कर दी है। पुलिस द्वारा कोर्ट में पेश की गई इस चार्जशीट में कई बड़े खुलासे हुए हैं। सबसे अहम बात यह सामने आई है कि पूर्व महासचिव चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को पुलिस ने मामले में क्लीन चिट दे दी है और उन्हें गवाह बनाया गया है।
चार्जशीट के अनुसार, इस पूरे मामले में कुल 133 लोगों को गवाह बनाया गया है। इनमें एफआईआर दर्ज कराने वाले कृष्ण मोहन को पहला गवाह बनाया गया है, जबकि चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोपाल राव के साथ-साथ कोतवाली और राम जन्मभूमि थाने के इंस्पेक्टर, सीओ अयोध्या समेत 27 पुलिसकर्मी भी गवाहों की सूची में शामिल हैं।
3 जून को पकड़ी गई थी चोरी, ऐसे खुला पूरा मामला
पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला सबसे पहले 3 जून को पकड़ा गया था। उस दिन गणना कर्मी मदन गोपाल निगम ने अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडे, अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा को नोटों की गड्डी छिपाते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। इसके बाद घटनाक्रम तेजी से आगे बढ़ा:
- 4 जून की रात दिल्ली से ट्रेन द्वारा अयोध्या लौट रहे चंपत राय को चोरी की जानकारी दी गई और वीडियो फुटेज भेजे गए।
- 5 जून को अयोध्या पहुंचने के बाद चंपत राय ने कारसेवकपुरम स्थित आवास पर अनिल मिश्रा और गोपाल राव के साथ बैठक कर लैपटॉप पर सीसीटीवी फुटेज देखे।
- 7 जून को चंपत राय द्वारा चढ़ावा चोरी को लेकर आधिकारिक बयान जारी किया गया था।
सीसीटीवी फुटेज में खुलासा: किसने कितनी बार की चोरी?
जांच के दौरान खंगाले गए सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की करतूतें सामने आई हैं। चार्जशीट में दर्ज विवरण के अनुसार:
- अविनाश शुक्ला: सीसीटीवी फुटेज में सबसे ज्यादा बार चोरी करते दिखा। वह 85 बार सीधे चढ़ावा चोरी करते और 4 बार चोरी में मदद करते पाया गया।
- करुणेश पांडे: इसने खुद 2 बार चोरी की और 68 बार अन्य आरोपियों की चोरी में मदद की।
- मनीष यादव: टुन्नू यादव के भतीजे मनीष यादव ने करीब 50 दिनों की नौकरी के दौरान 16 बार खुद चोरी की और 19 बार मदद की, यानी कुल 35 बार संलिप्त रहा।
- सुभाष श्रीवास्तव: रिटायर्ड बैंक कर्मचारी ने 25 मई और 30 मई को अविनाश शुक्ला को चोरी करने में सहयोग दिया।
लाखों की नकदी, विदेशी करेंसी और आभूषण बरामद
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने दान चोरी के पैसों से निजी संपत्तियां खड़ी कर ली थीं। पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार 7 आरोपियों के पास से कुल 79 लाख 85 हजार 493 रुपये नकद बरामद किए हैं।
इसके अलावा मामले के सभी 8 आरोपियों के बैंक खातों में कुल 98 लाख 30 हजार रुपये जमा होने की पुष्टि हुई है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने लाखों रुपये की भारतीय मुद्रा के साथ-साथ अमेरिकी डॉलर और सोने-चांदी के आभूषण भी बरामद किए हैं, जिन्हें अब कानूनी प्रक्रिया के तहत वसूलने की तैयारी है।
क्लीन चिट पर सियासत: पक्ष और विपक्ष में तकरार
चंपत राय और अन्य ट्रस्टियों को क्लीन चिट दिए जाने पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई हैं। एनडीए नेताओं और विश्व हिंदू परिषद ने जांच का स्वागत किया है:
- बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि जांच समिति ने ट्रस्ट के लोगों को निर्दोष पाया है और वह इसका स्वागत करते हैं।
- विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि विपक्ष द्वारा रचे गए षड्यंत्र का पटाक्षेप होना चाहिए और अदालत में डे-टू-डे सुनवाई कर दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।
वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों ने सरकार और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय, सपा सांसद अवधेश प्रसाद और शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने आरोप लगाया कि सरकार मुख्य जिम्मेदारों और 'बड़ी मछलियों' को बचा रही है। विपक्ष का कहना है कि जिनका नाम इस मामले में सामने आया था, उन्हें आरोपी बनाने के बजाय गवाह बनाकर पूरे मामले की लीपापोती की जा रही है।


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