हाल ही में दिए गए एक साक्षात्कार में 'The Janpath News' के साथ बातचीत करते हुए राजन सिंह ने बिहार की राजनीति और किन्नर समुदाय से जुड़े कई मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद से ही सम्राट चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री के पद तक पहुंचे हैं।
बातचीत के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा समाज के विभिन्न वर्गों के लिए किए जा रहे कार्यों का जिक्र किया और बताया कि किस प्रकार आज समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने में नरेंद्र मोदी का योगदान
राजन सिंह ने कहा कि सम्राट चौधरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सच्चे भक्त हैं और उन्हीं की कृपा तथा आशीर्वाद से वे आज बिहार के मुख्यमंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद पर आसीन हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 2019 में ट्रांसजेंडर प्रोटेक्शन एक्ट पास नहीं किया जाता, तो आज बिहार में किन्नर समुदाय के लोग दरोगा, इंजीनियर या डॉक्टर जैसे पदों पर नहीं पहुँच पाते और न ही उन्हें मंत्रिमंडल सचिवालय में जगह मिलती।
उन्होंने यह भी बताया कि सम्राट चौधरी के आधिकारिक आवास पर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आरती लगातार की जाती है, जो उनके प्रति गहरी आस्था को दर्शाता है।
किन्नर समुदाय और रामचरितमानस की प्रासंगिकता
राजन सिंह ने रामचरितमानस का हवाला देते हुए कहा कि धार्मिक ग्रंथों में भी किन्नर समुदाय के महत्व और कलियुग में उनकी भूमिका का विशेष उल्लेख मिलता है। उन्होंने कहा कि:
- रामचरितमानस के अनुसार कलियुग में किन्नरों को विशेष दृष्टि और आशीर्वाद प्राप्त है।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किन्नरों के कल्याण के लिए कड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए हैं।
- आज देश और दुनिया में किन्नर समुदाय के अधिकारों और उनकी आवाज़ को सुना जा रहा है।
राजनीतिक तुलना और पूर्व प्रधानमंत्रियों पर विचार
साक्षात्कार के दौरान जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भगवान राम के बीच तुलना या पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल को लेकर सवाल किए गए, तो राजन सिंह ने कहा कि भगवान राम और प्रधानमंत्री मोदी दोनों के कार्यों का उद्देश्य हमेशा जनहित और समाज के उत्थान से जुड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और विद्वत्ता अपनी जगह महत्वपूर्ण हैं, लेकिन समाज के हर वर्ग को अधिकार दिलाना और उन्हें मुख्यधारा में जोड़ना एक सच्चे नेतृत्व की पहचान है।


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