देश में 'वंदे मातरम' पर चल रहा विवाद अब राजनीति का एक बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। हाल ही में यह विवाद तब और बढ़ गया जब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने एक कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी को 'मियां' कहकर पुकारा और उनकी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए।
उत्तराखंड दौरे के दौरान नितिन नवीन ने पार्टी की विस्तारित स्टेट वर्किंग कमेटी की बैठक को संबोधित करते हुए राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और दोनों दलों के बीच बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है।
नितिन नवीन का राहुल गांधी पर तीखा हमला
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उत्तराखंड के हलद्वानी में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी को लेकर कई तीखी बातें कहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस देश में कुछ ऐसे दल और लोग हैं जिन्हें 'वंदे मातरम' कहने में भी शर्मिंदगी महसूस होती है।
- नितिन नवीन ने राहुल गांधी को 'राहुल मियां' कहकर संबोधित किया।
- उन्होंने कहा कि राहुल गांधी वंदे मातरम का महत्व नहीं समझ सकते क्योंकि वे विदेशी संस्कृति में पले-बढ़े हैं।
- बीजेपी अध्यक्ष ने यहाँ तक कह दिया कि वंदे मातरम का पूरा गान करने से राहुल गांधी की माताश्री और उनकी पार्टी अपमानित महसूस करती है, इसलिए ऐसी कांग्रेस को समाप्त कर देना चाहिए।
कांग्रेस का पलटवार और नेताओं की प्रतिक्रिया
बीजेपी अध्यक्ष के इस बयान के बाद कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से भड़क उठी है। कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा है कि नितिन नवीन को इतिहास की जानकारी नहीं है और वे राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं।
- कांग्रेस संसद प्रमोद तिवारी और अमर सिंह ने कहा कि 1937 में कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने ही 'वंदे मातरम' को लेकर ऐतिहासिक निर्णय लिया था।
- कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बीजेपी हमेशा से हर चीज की राजनीति करती है और स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
- विपक्षी दलों ने यह भी कहा कि जब वंदे मातरम गीत बना था, तब उसमें कांग्रेस कमेटी भी शामिल थी।
बीजेपी नेताओं का समर्थन और वंदे मातरम का इतिहास
दूसरी ओर, बीजेपी के अन्य नेताओं ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के बयानों का पूरी तरह समर्थन किया है। बीजेपी का कहना है कि वंदे मातरम देश का राष्ट्रगीत है और इसका अपमान करने वालों को देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी।
- विधायक राम कदम ने बयान दिया कि वंदे मातरम कोई पार्टी का गीत नहीं बल्कि राष्ट्रगीत है, जिसे गाने में कांग्रेस को आपत्ति क्यों होती है।
- संजय सरावगी ने कहा कि हलद्वानी में दिया गया बयान कड़वी सच्चाई है और आजादी के दीवानों द्वारा गाए गए इस राष्ट्रगीत का अपमान करने वालों को केवल वोट बैंक की राजनीति दिखती है।
- बीजेपी नेताओं का यह भी मानना है कि विदेशी संस्कृति में पढ़े-लिखे लोग इस राष्ट्रगीत का महत्व नहीं समझ सकते।


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