सोमवार, 19 अक्टूबर 2026
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चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का हल्लाबोल: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया रोकने की मांग
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चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का हल्लाबोल: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया रोकने की मांग

दिल्ली में चुनाव आयोग और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इंडिया गठबंधन के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूची में गड़बड़ी रोकने और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की।

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राजधानी दिल्ली में विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इंडिया गठबंधन के सांसदों और नेताओं ने चुनाव आयोग के दफ्तर की ओर मार्च करते हुए आयोग पर सत्ताधारी दल के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया और जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि विपक्ष सिर्फ आयोग और भाजपा के आरोपों का जवाब ही नहीं दे रहा, बल्कि उनकी नीतियों को पूरी तरह ध्वस्त करेगा। वहीं समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि विपक्ष चुनाव का बहिष्कार नहीं करेगा, बल्कि जनता के वोटों की ताकत से भाजपा को हराएगा।

'चुनाव बहिष्कार नहीं, वोट से हराएंगे': अखिलेश यादव

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि चुनाव का बहिष्कार करने का कोई सवाल ही नहीं उठता। विपक्ष जनता के बीच जाकर लोकतंत्र की रक्षा करेगा और वोट के जरिए हराएगा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयुक्त भी हटेंगे और भाजपा की सत्ता भी जाएगी।

सपा और विपक्षी नेताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर आरोप लगाया कि चुनाव आयोग लोकतंत्र को कमजोर कर रहा है और विपक्ष के सवालों पर आयोग के बजाय भाजपा सफाई दे रही है।

विपक्षी दलों की प्रमुख मांगें

प्रदर्शनकारी नेताओं ने सरकार और चुनाव आयोग के सामने अपनी स्पष्ट मांगें रखीं और कहा कि जब तक इन पर कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा:

  • मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।
  • एसआईआर (SIR) प्रक्रिया को बिना किसी देरी के तत्काल रद्द किया जाए।
  • आगामी चुनाव ईवीएम के बजाय पूरी तरह बैलेट पेपर से कराए जाएं।
  • चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को दोबारा शामिल किया जाए।

फॉर्म 6 और 7 के दुरुपयोग तथा वोट काटने के गंभीर आरोप

विपक्षी नेताओं और सांसदों ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण के नाम पर बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं। कर्नाटक का उदाहरण देते हुए नेताओं ने दावा किया कि राज्य में लाखों मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए।

नेताओं का कहना है कि फॉर्म-7 का इस्तेमाल मृतकों या स्थानांतरित लोगों के नाम हटाने के लिए होता है, लेकिन इसका राजनीतिक दुरुपयोग करके विपक्षी समर्थकों के वोट काटे जा रहे हैं। एक नेता ने आरोप लगाया कि कर्नाटक में अकेले एक राजनीतिक कार्यकर्ता ने 7,500 से अधिक फॉर्म-7 दाखिल किए, जो पूरी प्रक्रिया के दुरुपयोग को दर्शाता है।

सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की गुहार

प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणियों का हवाला देते हुए कहा कि फॉर्म-6 में किए गए बदलावों को लेकर भी आयोग में पारदर्शिता की भारी कमी है। नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग तीन सदस्यीय संस्था है जहां फैसले सर्वसम्मति या बहुमत से होने चाहिए, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त एकतरफा फैसले ले रहे हैं।

विपक्षी नेताओं ने कहा कि जब तक लोकतंत्र और संविधान की रक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती और आयोग निष्पक्षता साबित नहीं करता, विपक्ष का यह संघर्ष सड़क से लेकर सदन तक जारी रहेगा।

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