दिल्ली के जंतर-मंतर पर विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में कई विपक्षी दलों के नेताओं ने धरना प्रदर्शन करते हुए लोकतंत्र और संविधान को बचाने का संकल्प दोहराया।
नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग निष्पक्ष काम करने के बजाय सरकार के इशारे पर फैसले ले रहा है और विपक्षी सांसदों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।
चुनाव आयुक्तों से मिलने से रोका गया: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि लोकसभा और राज्यसभा के करीब 300 सांसद चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्हें मिलने की अनुमति नहीं दी गई।
- लोकसभा और राज्यसभा के तकरीबन 300 सांसद तीनों चुनाव आयुक्तों से मुलाकात करना चाहते थे।
- दिल्ली पुलिस ने सांसदों को रास्ते में ही रोक दिया और वहां प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी।
- इसके बाद सभी सांसदों ने तय प्रदर्शन स्थल जंतर-मंतर पर आकर धरना देने का फैसला किया।
'ज्ञानेश कुमार वैध चुनाव आयुक्त नहीं, इस्तीफा देना पड़ेगा'
राहुल गांधी ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे विपक्ष के लिए वैध चुनाव आयुक्त नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार ने मिलकर देश के लोकतंत्र को खत्म करने का काम किया है।
राहुल गांधी ने कहा कि जिन लोगों ने यह काम किया है, वे देशद्रोही हैं और उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि ज्ञानेश कुमार को अपने पद से इस्तीफा देना ही पड़ेगा।
'मेरे ऊपर 100 FIR लगें, हर FIR मेरे लिए मेडल है'
अपने खिलाफ दर्ज मामलों और मुकदमों पर बात करते हुए राहुल गांधी ने बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य है कि उनके ऊपर 100 एफआईआर दर्ज हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता के अधिकारों के लिए लड़ने पर दर्ज होने वाली हर एफआईआर उनके लिए किसी मेडल की तरह है।
संविधान और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ाई: मल्लिकार्जुन खड़गे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि चुनाव आयोग बार-बार गलतियां कर रहा है और यह सब प्रधानमंत्री के इशारे पर हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र और संविधान को खत्म करने का प्रयास है, जिसे विपक्ष कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।
- सभी विपक्षी दलों के मुख्य नेता मिलकर जंतर-मंतर पर एकजुट होकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
- विपक्ष का मुख्य उद्देश्य जनता के छीने जा रहे अधिकारों की हिफाजत करना है।
- सरकार चाहे जितने भी केस दर्ज कर ले या डराने की कोशिश करे, विपक्ष डरने वाला नहीं है।
खड़गे ने अंत में कहा कि यह लड़ाई जनता की आवाज को देश के कोने-कोने तक पहुंचाने की है और विपक्षी दल पूरी ताकत के साथ लड़ते रहेंगे और आगे बढ़ते रहेंगे।


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