शुक्रवार, 4 सितंबर 2026
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छात्रों पर लाठीचार्ज से भड़के अखिलेश यादव, बोले- “हिटलर से तुलना क्यों न करें?”
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छात्रों पर लाठीचार्ज से भड़के अखिलेश यादव, बोले- “हिटलर से तुलना क्यों न करें?”

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने हाल ही में छात्रों और युवाओं पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सरकार के रवैये की तुलना हिटलर के शासन से करते हुए कहा कि आज़ादी के बाद ऐसा बर्ताव कभी नहीं देखा गया।

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समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने हाल ही में छात्रों और युवाओं पर हुए पुलिस लाठीचार्ज और कार्रवाई को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि आज़ादी के बाद देश में किसी भी सरकार द्वारा इस तरह का दमनकारी व्यवहार कभी नहीं देखा गया।

छात्रों और युवाओं पर दमन का आरोप

अखिलेश यादव ने बताया कि कल छात्रों और युवाओं के साथ जो हुआ, उसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि दूर-दूर से आए छात्र केवल सरकार के खिलाफ अपनी नाराज़गी जताने आए थे, लेकिन उनके साथ अत्यधिक क्रूरता की गई।

  • प्रदर्शनकारी छात्रों के सिर पर टांके आए हैं और हड्डियां टूटी हैं।
  • घटना के दौरान आंसू गैस के गोले छोड़े गए और करंट जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा।
  • दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध को भी सरकार द्वारा कुचला जा रहा है।

हिटलरशाही से की सरकार के रवैये की तुलना

सपा प्रमुख ने सोशल मीडिया और वीडियो का हवाला देते हुए सरकार के तौर-तरीकों की तुलना हिटलर के शासन से की। उन्होंने कहा कि जिस तरह हिटलर ने अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ गिरोह बनाए थे, वही स्थिति आज देखने को मिल रही है।

  • प्राइवेट ड्रेस में डंडे लेकर लोगों और युवाओं पर हमला करने वाले लोगों को देखा गया।
  • लोकतंत्र में इस तरह के अलोकतांत्रिक तरीकों को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
  • सरकार अपनी नाकामी और लाठीचार्ज के वीडियो और सबूतों पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही है।

इस्तीफे का दबाव और आंदोलन जारी रखने का ऐलान

अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी अपने मंत्रियों और सहयोगियों पर इस्तीफा देने का दबाव इसलिए नहीं बना पा रही है क्योंकि वे जानते हैं कि ऐसा करने से दबे हुए कई बड़े राज खुल जाएंगे। उन्होंने सरकार के खिलाफ अपना विरोध जारी रखने की बात कही।

  • सरकार को ऐसी अलोकतांत्रिक कार्यप्रणाली और लाठीचार्ज पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।
  • सपा इस तरह की सरकार को हटाने के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी।
  • आंदोलनकारियों और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए पार्टी हर स्तर पर आवाज़ उठाएगी।
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