“The Janpath News” को दिए गए एक विशेष साक्षात्कार में ज्योतिर्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती ने देश की राजनीति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक जीवन और हालिया विवादों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे प्रधानमंत्री मोदी के विरोधी नहीं हैं, बल्कि उनके बयानों को अक्सर गलत समझा जाता है।
मोदी के विरोधी नहीं, व्यवस्था के आलोचक
शंकराचार्य ने कहा कि नासमझ लोग अक्सर यह मान लेते हैं कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने धोबी और कपड़े का उदाहरण देते हुए समझाया कि जैसे धोबी कपड़े को पटकता है, इसका मतलब यह नहीं कि वह कपड़े का दुश्मन है, बल्कि वह उसे साफ करना चाहता है।
- प्रधानमंत्री मोदी लगातार मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री पद पर रहे हैं और उनका जीवन उच्च स्तर पर चल रहा है।
- वे यह चाहते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी का लोक और परलोक दोनों सुधरें, इसलिए वे कई बार कड़े शब्दों में बात रखते हैं।
- धार्मिक गुरु होने के नाते वे चाहते हैं कि समाज और देश के शीर्ष पद पर बैठे लोग सही मार्ग पर चलें।
चंदा चोरी विवाद और उसकी जांच पर प्रतिक्रिया
राम मंदिर और चंदा चोरी विवाद पर बात करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि इस समय चल रही जांच का कोई भविष्य नहीं है और यह केवल एक लीपापोती है। उन्होंने कहा कि असली चोर अभी रडार से बहुत दूर हैं और जनता सब समझ रही है कि कौन गद्दों पर बैठकर आनंद ले रहा है।
- चंदा चोरी के मामले में तुरंत चोरों को पकड़कर दण्डित किया जाना चाहिए था और परिसर की पवित्रता सुनिश्चित होनी चाहिए थी।
- भ्रष्ट ट्रस्ट को तुरंत बदला जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
- खजाने में चोरी के बाद भी खजांची द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस और लाइव प्रसारण कर महिमामंडन किया जा रहा है।
राम भक्तों और सनातनियों को संदेश
साक्षात्कार के अंत में शंकराचार्य ने देश के करोड़ों राम भक्तों और सनातनियों को संदेश देते हुए कहा कि लोगों को धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए क्योंकि धर्म हमेशा इंसान को ऊपर उठाता है, जबकि अधर्म नीचे गिराता है।
- उन्होंने सलाह दी कि शिक्षा हमेशा प्रामाणिक धर्माचार्यों से लें, राजनीतिज्ञों से धर्म की शिक्षा न लें।
- रामायण के चरित्रों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि रावण जैसे साधु भेषधारी राक्षसों को पहचानना जरूरी है।
- देश की जनता को सीता और हनुमान के चरित्र से सीख लेकर सही और गलत की पहचान करनी चाहिए।


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