शुक्रवार, 4 सितंबर 2026
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योगी मुसलमानों के दुश्मन नहीं, नदीम फर्रुख ने शाइरी, राजनीति और 2027 चुनाव पर रखी बेबाक राय
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योगी मुसलमानों के दुश्मन नहीं, नदीम फर्रुख ने शाइरी, राजनीति और 2027 चुनाव पर रखी बेबाक राय

प्रसिद्ध शायर नदीम फर्रुख ने 'The Janpath News' के पॉडकास्ट में शाइरी, राजनीति, समाज और उत्तर प्रदेश के राजनीतिक भविष्य पर बेबाक चर्चा की। उन्होंने योगी आदित्यनाथ, अखिलेश यादव और मायावती की राजनीतिक स्थिति पर अपने विचार रखे।

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प्रसिद्ध शायर नदीम फर्रुख ने 'The Janpath News' के खास पॉडकास्ट में पत्रकार शाइजिया निसार के साथ खुलकर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने राजनीति और शाइरी के गहरे रिश्तों, समाज में बढ़ती बेचैनी और उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हालातों पर अपने विचार साझा किए।

शाइरी और राजनीति का नाता

नदीम फर्रुख ने बताया कि शाइरी कोई बाहरी प्रयास से नहीं आती, बल्कि यह ईश्वर प्रदत्त होती है। उन्होंने कहा कि एक शायर हमेशा समाज का आईना होता है और सत्ता का विरोध करना या गलत के खिलाफ बोलना उसके स्वभाव में होता है।

  • शायर बनाए नहीं जाते, पैदा होते हैं।
  • दर्द और समाज की पीड़ा को शब्दों में पिरोना ही सच्ची शाइरी है।
  • राजनीति और साहित्य का रिश्ता हमेशा से गहरा रहा है।

योगी आदित्यनाथ और मुस्लिम समाज

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बारे में बात करते हुए शायर ने स्पष्ट किया कि उन्हें योगी मुसलमानों के दुश्मन नहीं लगते। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मठन में कई मुस्लिम कर्मचारी भी काम करते हैं, जो उनके अंदरूनी सर्किल का हिस्सा हैं।

  • योगी जी व्यक्तिगत रूप से अच्छे व्यक्ति हैं।
  • मठ के भीतर कई मुस्लिम लोग उन पर भरोसा करते हैं।
  • राजनीतिक नैरेटिव और ज़मीनी हकीकत में अंतर होता है।

सोशल मीडिया का प्रभाव और आज की राजनीति

सोशल मीडिया के दौर पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आज किसी भी बात को वायरल होने में देर नहीं लगती। राजनीति की भाषा पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि आज दो बड़े दलों (सपा और भाजपा) के बीच आक्रामक मुकाबला देखने को मिल रहा है।

  • सोशल मीडिया ने शाइरी और विचारों तक लोगों की पहुंच आसान कर दी है।
  • आज की राजनीति में नैरेटिव बिल्डिंग और हेडलाइन मैनेजमेंट का बोलबाला है।
  • जनता अब केवल बयानों से आगे बढ़कर ज़मीनी मुद्दों पर बात करना चाहती है।

2027 उत्तर प्रदेश चुनाव का भविष्य

2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों पर बात करते हुए नदीम फर्रुख ने माना कि मुकाबला दिलचस्प होगा। उन्होंने कहा कि चुनाव में किसी भी दल के लिए जीत आसान नहीं होगी और सभी पार्टियों को कड़ा संघर्ष करना पड़ेगा।

  • यूपी चुनाव में सपा और भाजपा के बीच कड़ी टक्कर की संभावना है।
  • किसी भी दल को ओवर-कॉन्फिडेंट नहीं होना चाहिए।
  • जनता की नाराजगी और ज़मीनी मुद्दे चुनाव परिणाम तय करेंगे।
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