रामपुर जेल में बंद समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती दिख रही हैं। बुधवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आजम खान और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। रिपोर्टों के मुताबिक, ईडी ने रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली में कुल 10 परिसरों पर तलाशी ली है।
यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सरकारी ठेकों से जुड़ा पैसा किन रास्तों और किन लोगों के जरिए यूनिवर्सिटी या उससे जुड़े ट्रस्ट तक पहुंचा और अंततः इन पैसों का इस्तेमाल कहां-कहां हुआ।
छापेमारी के प्रमुख ठिकाने और विवरण
- रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी
- सहारनपुर में सीए दीपक गुप्ता का घर और ऑफिस
- दिल्ली के जसोल इलाके का डीडीए फ्लैट
सबसे ज्यादा चर्चा जौहर यूनिवर्सिटी की है, जहां ईडी की टीम दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच में जुटी है। यूनिवर्सिटी के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इस मामले को कथित तौर पर जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में काले धन के इस्तेमाल और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोपों की जांच बताया जा रहा है।
यूनिवर्सिटी के बाहर हंगामा और तीखी बहस
छापेमारी के दौरान जौहर यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर तनाव की स्थिति देखने को मिली। इस दौरान आजम खान के करीबी और पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष सतनाम मट्टू की ईडी अधिकारियों से तीखी बहस हो गई।
पुलिस फोर्स ने मट्टू को गेट के बाहर कर दिया। मट्टू ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राओं के नाम, पते और निजी जानकारियां जुटाई जा रही हैं जो कि गलत है। उन्होंने कहा कि पुलिस और फोर्स द्वारा छात्रों की पर्सनल नॉलेज जबरन नहीं ली जा सकती।
राजनीतिक गलियारों में हलचल और अखिलेश यादव का बयान
जैसे ही आजम खान के ठिकानों पर ईडी की रेड की खबर बाहर आई, राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने ईडी की कार्रवाई को लेकर सीधे बीजेपी सरकार पर पलटवार किया है और विपक्षी नेताओं को जानबूझकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि शिक्षा, शिक्षक व विद्यार्थी विरोधी, स्कूल बंद करवाने वाले भाजपाई और उनके संगी-साथी यूनिवर्सिटी बनाने वालों के खिलाफ ईडी की छापेमारी कर रहे हैं। दूसरी ओर, बीजेपी ने इस कार्रवाई को कानूनी प्रक्रिया बताया है और कहा है कि एजेंसी के पास पुख्ता सबूत होंगे।


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