दिल्ली के जंतर-मंतर पर मानसून सत्र के पहले दिन छात्रों द्वारा संसद मार्च निकालने की तैयारी के दौरान छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के बीच जमकर संघर्ष हुआ। इस झड़प के बाद जंतर-मंतर का पूरा इलाका खाली करा लिया गया है और वहां लगे तंबू व मंच उखाड़ दिए गए हैं।
मौके पर मौजूद 'The Janpath News' के पत्रकार ने स्थिति का जायजा लेते हुए बताया कि कल शाम तक जहां भारी भीड़ थी और पैर रखने की जगह नहीं थी, वहां अब केवल पुलिस और सुरक्षाकर्मी नजर आ रहे हैं।
जंतर-मंतर की वर्तमान स्थिति
घटना के बाद जंतर-मंतर और आसपास के इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और धरना स्थल का पूरा मंच उखाड़ दिया गया है। प्रदर्शनकारियों के टेंट और सामान बिखरे पड़े हैं, और वहां केवल पुलिस व सुरक्षाबलों के जवान तैनात हैं।
- जंतर-मंतर पर लगा मुख्य मंच और टेंट पूरी तरह हटाए जा चुके हैं।
- इलाके में सिर्फ पुलिसकर्मी और सुरक्षाकर्मी ही नजर आ रहे हैं।
- सड़कों पर प्रदर्शनकारियों का सामान और मलबा बिखरा पड़ा है।
छात्रों और पुलिस के बीच संघर्ष
छात्रों का कहना है कि वे अपनी मांगें मनवाने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से संसद मार्च करना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उनके रास्ते को बंद कर दिया और उन पर लाठीचार्ज किया।
- छात्रों के अनुसार प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया और टियर गैस का भी इस्तेमाल किया गया।
- छात्रों का यह भी आरोप है कि इस झड़प में कई छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं।
- पुलिस ने विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों को वहां से हटाने और हिरासत में लेने की कार्रवाई की।
छात्रों का रुख और आगे की रणनीति
मंच टूटने और पुलिस कार्रवाई के बावजूद छात्रों का हौसला कम नहीं हुआ है और वे अभी भी जंतर-मंतर के आसपास डटे हुए हैं। छात्रों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं और आगे की रणनीति पर विचार कर रहे हैं।
- छात्र बड़ी संख्या में जंतर-मंतर के आसपास अभी भी मौजूद हैं।
- छात्रों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों का विरोध प्रदर्शन जारी है।
- वे पुलिस कार्रवाई और अपनी मांगों को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं।


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