दिल्ली दंगों के दौरान आईबी (IB) अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के बहुप्रतीक्षित मामले में अदालत द्वारा ताहिर हुसैन को दोषी करार दिए जाने के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आम आदमी पार्टी (AAP) और इस पूरी घटना से जुड़े लोगों पर तीखा हमला बोला है।
6 साल की प्रतीक्षा के बाद आया न्याय
कपिल मिश्रा ने बताया कि पिछले 6 वर्षों से इस फैसले की प्रतीक्षा की जा रही थी। साल 2020 में हुए दिल्ली दंगों के दौरान एक निर्दोष और बेगुनाह युवा आईबी अफसर अंकित शर्मा को निशाना बनाया गया था।
- अंकित शर्मा केवल अपने घर से कुछ सामान लेने के लिए निकले थे।
- मुस्कुराते हुए और मासूम चेहरे वाले अंकित को खींचकर तहिुर हुसैन के घर ले जाया गया।
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, अंकित शर्मा को 51 बार चाकुओं से गोदा गया था।
- मृत्यु के बाद भी उनके शव पर चाकुओं से वार किए गए और क्षत-विक्षत शरीर को नाले में फेंक दिया गया।
ताहिर हुसैन की हत्या में संलिप्तता
कपिल मिश्रा ने कहा कि अदालत ने कल ताहिर हुसैन को दोषी करार दिया है। उनके अनुसार, यह मामला 'रेस्टेस्ट ऑफ द रेयर' मर्डर में से एक है, जिसमें ताहिर हुसैन, उसके साथियों और मास्टरमाइंड्स द्वारा दिल्ली में एक भयानक साजिश रची गई थी।
- ताहिर हुसैन केवल एक एक्टर था, इस पूरी घटना के डायरेक्टर और मास्टरमाइंड कोई और लोग थे।
- उसके हाथों में खंजर दिया गया था, लेकिन इसे रचने वाले आज भी बचे हुए हैं।
- उमर खालिद जैसे लोग, जो आज भी बचाए जा रहे हैं, वे ताहिर हुसैन के लगातार संपर्क में थे।
दिल्ली दंगों का कथित षड्यंत्र
प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया गया कि दिल्ली दंगों के पीछे एक बहुत बड़ी साजिश थी, जिसके तहत चुनिंदा तरीके से हिंसा फैलाई गई थी।
- पहले चारों तरफ से सड़कों को बंद किया गया।
- उसके बाद चिन्हित करके हिंदुओं का नरसंहार किया गया, उनकी हत्याएं की गईं और संपत्तियों को निशाना बनाया गया।
- ताहिर हुसैन के घर की छत पर मिली गुलेल का निशाना सीधे सामने बना मंदिर था।
- सीएए (CAA) और एनआरसी (NRC) के खिलाफ नारे लगाने वाली दुकानों और ठिकानों को छोड़ दिया गया, जबकि बाकी जगहों पर चुनिंदा तरीके से आगजनी और हमले किए गए।


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