हाल ही में 'द जनपथ' पर प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, कॉकरोच जनता पार्टी और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की तमाम माँगे सरकार द्वारा मान ली गईं। केंद्र सरकार और सीजेपी की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की गई कि अब छात्र जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट नहीं करेंगे।
छात्रों के प्रदर्शन और देशव्यापी नाराजगी के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इससे पहले शुक्रवार को एनटीए के 47 अधिकारी बर्खास्त किए गए थे, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो संदेश के जरिए छात्रों की मांगों पर लगातार भरोसा देते दिख रहे थे।
कॉकरोच जनता पार्टी की प्रमुख माँगे
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से तीन माँगे रखी गईं थीं:
- शिक्षा मंत्री का इस्तीफा
- प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस लेना
- नीट पेपर लीक के बाद सुसाइड करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस और सरकार का रुख
दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, जितेन्द्र सिंह, आशुतोष रांका और सौरभ दास ने स्थिति स्पष्ट की:
- छात्रों पर दर्ज किसी भी एफआईआर को वापस लिया जाएगा और आगे कोई नया केस दर्ज नहीं होगा।
- मृतक छात्रों के परिवारों को नियमों के तहत उचित मुआवजा दिया जाएगा।
- शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए लाए गए 5-पॉइंट चार्टर पर डेलिगेशन के साथ गहन चिंतन और विचार-विमर्श किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और आगे की कार्रवाई
प्रेस कॉन्फ्रेंस के तुरंत बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने जंतर-मंतर पर अपना प्रदर्शन समाप्त करने की घोषणा की। छात्रों और प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक अपने घर वापस जाने की अपील की गई, और अंततः केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।


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