आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से देश भर के वाहन मालिकों और मैकेनिकों को हो रही गंभीर समस्याओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कई वाहन चालकों और ऑटोमोबाइल मैकेनिकों से सीधे बातचीत की, जिन्होंने पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने के बाद अपनी गाड़ियों में आ रही तकनीकी खराबी के बारे में बताया।
वाहन मालिकों का कहना है कि E20 पेट्रोल आने के बाद से उनकी गाड़ियां बार-बार खराब हो रही हैं और माइलेज में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस मुलाकात में मैकेनिकों ने भी इस बात की पुष्टि की कि नए ईंधन की वजह से गाड़ियों के पार्ट्स को लगातार नुकसान पहुंच रहा है।
मैकेनिकों ने बताई गाड़ियों में आ रही मुख्य तकनीकी समस्याएं
गैराज और वर्कशॉप चलाने वाले मैकेनिकों ने अरविंद केजरीवाल को लाइव गाड़ियां दिखाकर समझाया कि E20 पेट्रोल किस तरह इंजन को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने बताया कि इस पेट्रोल के कारण मुख्य रूप से निम्नलिखित समस्याएं आ रही हैं:
- गाड़ियों के फ्यूल इंजेक्टर बार-बार चोक हो रहे हैं।
- फ्यूल पंप और स्पार्क प्लग पर भारी मात्रा में कार्बन जम रहा है।
- गाड़ियों के इंजन बार-बार मिसफायर करने लगते हैं और झटका मारते हैं।
- इंजन खोलने और पार्ट्स बदलने के बाद भी कुछ ही दिनों में वही समस्या दोबारा आ जाती है।
वाहन मालिकों को हो रहा भारी आर्थिक नुकसान
मुलाकात के दौरान वाहन मालिकों ने अपनी व्यथा साझा करते हुए बताया कि उन्हें बार-बार गाड़ियां ठीक करानी पड़ रही हैं जिस वजह से उनका खर्चा बहुत बढ़ गया है। ड्राइवरों और कार मालिकों के अनुभव इस प्रकार रहे:
- बलेनो, वैगनआर, औरेंटा और क्रेटा जैसी कई गाड़ियां E20 पेट्रोल के साथ कंपैटिबल न होने के कारण बार-बार बंद हो रही हैं।
- शहर के अंदर गाड़ी चलाने पर माइलेज घटकर आधी रह गई है, जो पहले 14-15 किमी प्रति लीटर थी वह अब गिरकर 7-8 किमी प्रति लीटर तक आ गई है।
- पेट्रोल डलवाने के कुछ ही दिनों बाद गाड़ी का पिकअप खत्म हो जाता है और लोड लेना बंद कर देती है।
ईंधन नीति पर उठ रहे बड़े सवाल
वाहन चालकों और जानकारों ने अंतरराष्ट्रीय उदाहरणों का हवाला देते हुए सरकार की इस नीति पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि ब्राजील जैसी जगहों पर भी ईथेनॉल सम्मिश्रण को चरणबद्ध तरीके से लागू करने में दशकों का समय लगा था, जबकि भारत में इसे बहुत कम समय में जबरन लागू किया जा रहा है जिससे आम जनता और ट्रांसपोर्ट से जुड़े लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


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