प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप भारत और जापान के सहयोग का सबसे मजबूत स्तंभ बनेगी। इसी विजन को साकार करने के लिए आज एआई (AI) और रक्षा सहित कई प्रमुख क्षेत्रों में महत्वपूर्ण समझौते किए गए हैं।
यह साझेदारी न केवल दोनों देशों के विकास को नई गति देगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर सुरक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिरता में भी बड़ा योगदान देगी।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और तकनीकी सहयोग
भारतीय AI इकोसिस्टम के प्रमुख संस्थानों ने जापानी पार्टनर के साथ नए समझौते किए हैं। जापान की प्रिसिजन टेक्नोलॉजी और भारत की सॉफ्टवेयर क्षमता का यह संगम वैश्विक AI विकास को नई शक्ति प्रदान करेगा।
- भारतीय AI इकोसिस्टम और जापानी संस्थानों के बीच महत्वपूर्ण एग्रीमेंट्स हुए।
- दोनों देश मिलकर तकनीकी प्रगति को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाएंगे।
रक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक को-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट
भारत और जापान ने अपने पहले को-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर सहमति जताई है। 'नेवल रेडियो एंटीना यूनिकॉर्न' का यह प्रोजेक्ट दोनों देशों की डिफेंस टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप में एक नया अध्याय जोड़ेगा।
- भारत और जापान के बीच पहले रक्षा को-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर मुहर लगी।
- नेवल रेडियो एंटीना यूनिकॉर्न प्रोजेक्ट से रीजनल पीस और मैरीटाइम सिक्योरिटी मजबूत होगी।
- इसके तहत ऐसी डिफेंस टेक्नोलॉजी विकसित की जाएंगी जो रूल-बेस्ड ऑर्डर को बढ़ावा देंगी।
फार्मा, बायोटेक और ग्लोबल हेल्थ सिक्योरिटी
फार्मा, मेडिकल डिवाइस और बायोटेक के क्षेत्र में किए गए समझौतों से ग्लोबल हेल्थ सिक्योरिटी में भारत और जापान का योगदान और बढ़ेगा।
- भारत के स्केल और जापान की क्वालिटी को जोड़कर अफॉर्डेबल और रिलायबल हेल्थ सॉल्यूशंस दुनिया तक पहुंचाए जाएंगे।
- ग्लोबल हेल्थ सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए यह एक अहम कदम है।
आर्थिक साझेदारी और निवेश के नए आयाम
भारत और जापान के बीच निवेश साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है, जिससे पिछले एक साल में कई नए बिजनेस एग्रीमेंट्स हुए हैं।
- पिछले एक साल में करीब 120 नए बिजनेस एग्रीमेंट्स हुए हैं।
- इससे भारत में 10 बिलियन डॉलर से अधिक जापानी निवेश आएगा।
- फाइनेंशियल सर्विसेज एजेंसियों के बीच समझौते से कैपिटल और इन्वेस्टमेंट फ्लो और सुगम होगा।
- लक्ष्य है कि अगले 10 वर्षों में जापान से भारत में 10 ट्रिलियन येन का निवेश हो और जापानी कंपनियों की संख्या दोगुनी हो।
ऊर्जा सुरक्षा और बायो गैस पहल
आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा के महत्व को समझते हुए दोनों देशों ने इकोनॉमिक सिक्योरिटी के लिए एक जॉइंट रोडमैप तैयार किया है।
- सेमीकंडक्टर, क्वांटम और एडवांस्ड मटेरियल्स जैसे क्षेत्रों में सप्लाई चेन रेजिलियंस को मजबूत किया जाएगा।
- 'इंडिया-जापान बायोगैस इनिशिएटिव' के तहत भारत में 1000 बायोगैस और ऑर्गेनिक फर्टिलाइज़र प्लांट्स लगाने में सहायता मिलेगी।
- इससे गोवर्धन पहल मजबूत होगी और गांवों में सस्टेनेबिलिटी, प्रोस्पेरिटी और रूरल लाइवलीहुड को नई शक्ति मिलेगी।


0 टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले टिप्पणी करें।