संसद मार्च से ठीक एक दिन पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे युवाओं और छात्रों का भारी जमावड़ा देखने को मिला। पानी के टैंकों और बैरिकेड्स पर चढ़कर प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने देश की शिक्षा व्यवस्था और सरकारी नीतियों के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई।
मौके पर मौजूद पत्रकारों ने जब प्रदर्शनकारियों और दूर-दराज से आए छात्रों से बातचीत की, तो उन्होंने सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने और प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली व पेपर लीक के गंभीर आरोप लगाए।
जंतर-मंतर पर उमड़ी छात्रों की भारी भीड़
कल होने वाले महत्वपूर्ण संसद मार्च की तैयारी के लिए जंतर-मंतर पर देश के विभिन्न राज्यों से छात्र और उनके समर्थक पहुंचे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे इस आंदोलन की सफलता को लेकर खुद हैरान हैं कि भीड़ इस स्तर तक पहुंच जाएगी।
- दिल्ली समेत पूरे भारतवर्ष से युवा और छात्र जंतर-मंतर पर पहुंचे हैं।
- शनिवार और रविवार के इस वीकेंड पर लोगों ने दिखा दिया है कि यह भीड़ किसी से कम नहीं है।
- तानाशाही सरकार के खिलाफ जनता अब एक हो चुकी है और संसद के लिए पूरी तरह तैयार है।
शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा घोटालों पर रोष
प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवाओं ने देश में हो रहे लगातार पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं के रद्द होने पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। वक्ताओं का कहना था कि पिछले कुछ वर्षों में सैकड़ों पेपर हुए हैं जिनमें से दर्जनों भर्तियां रद्द हो चुकी हैं।
- छात्रों का आरोप है कि 2015 से अब तक 148 पेपर हुए जिनमें से लगभग 85 भर्ती परीक्षाएं रद्द की गईं।
- पेपरों के अंदर बड़े स्तर पर घोटाले हुए हैं, जिससे युवाओं का भविष्य दांव पर लग गया है।
- युवाओं की मांग है कि देश के छात्र जो परीक्षा देते हैं, उनमें पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए और सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए।
सरकार और मीडिया पर गंभीर सवाल
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और मीडिया पर भी निशाना साधा। उनका कहना था कि सरकार की नीतियां युवाओं और किसानों को गुमराह करने वाली हैं और पुलिस द्वारा उनके साथियों का अपहरण किया जा रहा है।
- वक्ताओं ने कहा कि देश के कई राज्यों से आए किसानों और युवाओं ने जंतर-मंतर पर मोर्चा संभाला हुआ है।
- प्रदर्शनकारियों ने मीडिया से भी अपील की कि वे एक बार सार्वजनिक शौचालयों और जमीन पर जाकर जमीनी हकीकत देखें जहां पानी और बुनियादी सुविधाओं का भारी संकट है।
- छात्रों ने चेतावनी दी है कि प्रधानमंत्री और पूरी सरकार को इस नाकामी की जिम्मेदारी लेते हुए जवाब देना होगा।


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