भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) एस.वाई. कुरैशी की नई किताब 'इंडिया एंड आई: ए हंड्रेड मेमोरीज' इन दिनों राजनीतिक गलियारों में भारी चर्चा का विषय बनी हुई है। इस किताब में उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान के कई ऐसे अनुभव साझा किए हैं जो अब तक सार्वजनिक नहीं हुए थे, और सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से जुड़े एक वाकये की हो रही है।
किताब में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर कई अंदरूनी बातें सामने आई हैं, जिन्होंने UPA सरकार के समय के राजनीतिक घटनाक्रमों पर रोशनी डाली है। कुरैशी के इन खुलासों से राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
मनमोहन सिंह का भावनात्मक रिएक्शन और 'सुसाइड' वाला बयान
एस.वाई. कुरैशी ने अपनी किताब और एक इंटरव्यू में बताया कि साल 2012 में जब चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर कुछ केंद्रीय मंत्रियों की टिप्पणियों से नाराज होकर वह तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से शिकायत करने पहुंचे थे, तो पीएम का रिएक्शन बेहद चौंकाने वाला था। कुरैशी के अनुसार, जब उन्होंने पीएम को बताया कि उनके लोग आयोग के बारे में क्या सोच रहे हैं, तो मनमोहन सिंह ने भावुक होकर कहा था कि अगर आप मेरे बारे में ऐसा सोचते हैं, तो मैं आत्महत्या कर लूंगा।
पीएम मनमोहन सिंह की चुनाव आयोग के प्रति संवेदनशीलता
- पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह चुनाव आयोग को देश के लोकतंत्र की आत्मा मानते थे।
- वे अक्सर सार्वजनिक रूप से भारत की चुनावी प्रणाली और निष्पक्ष चुनावों की जमकर प्रशंसा करते थे।
- किसी भी संस्था पर आरोप लगना और विशेषकर चुनाव आयोग पर सवाल उठना उन्हें बेहद आहत और परेशान कर देता था।
सलमान खुर्शीद का विवादित बयान और चुनावी राजनीति
किताब में UPA सरकार में कानून मंत्री रहे सलमान खुर्शीद पर भी बड़ा खुलासा किया गया है। साल 2012 के यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान सलमान खुर्शीद ने अपनी पत्नी लुईस खुर्शीद को चुनाव जिताने के लिए एक चुनावी रैली में मुसलमानों के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण 4.5% से बढ़ाकर 9% करने का वादा किया था।
चुनाव आयोग की कार्रवाई
- बीजेपी ने इस बयान के खिलाफ चुनाव आयोग में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
- चुनाव आयोग ने इस मामले में चार दिनों तक दोनों पक्षों के वकीलों की लंबी दलीलें सुनीं।
- आयोग ने इस बयान को आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए सलमान खुर्शीद को भर्त्सना (सेंश्योर) करने का फैसला किया।


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