'The Janpath News' के विशेष पॉडकास्ट में पत्रकार शाज़िया निसार ने जाने-माने शिया गुरु मौलाना कल्बे जव्वाद साहब से खास बातचीत की। इस इंटरव्यू में देश की राजनीति, उत्तर प्रदेश के हालात, मुस्लिम राजनीति और ईरान-इजरायल संघर्ष जैसे गंभीर विषयों पर मौलाना ने अपने विचार रखे।
मौलाना ने अपने बयानों के कथित गलत मतलब निकाले जाने, मुस्लिम समाज की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी और कहा कि उनका मकसद हमेशा से लोगों की खिदमत करना रहा है।
मुस्लिम समाज और राजनीति
मौलाना कल्बे जव्वाद ने मुस्लिम राजनीति और समाज की दशा पर बात करते हुए बताया कि राजनीतिक पार्टियों ने हमेशा मुसलमानों को इस्तेमाल किया है।
- मुस्लिम समाज में आज भी एकता की कमी और आपसी फूट सबसे बड़ी कमजोरी है।
- आजादी के समय मुसलमानों की सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी अच्छी खासी थी, जो अब घटकर बहुत कम रह गई है।
- राजनीतिक दलों ने मुसलमानों के वोट तो लिए लेकिन बदले में उन्हें कुछ नहीं दिया।
ईरान, अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय संघर्ष
ईरान और इजरायल के बीच चल रहे तनाव और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई के समर्थन पर मौलाना ने खुलकर अपने विचार रखे।
- मौलाना ने कहा कि ईरान की विदेश नीति पर हमेशा पश्चिमी देशों और अमेरिका के प्रतिबंधों (सेंक्शन्स) का असर रहा है।
- भारत और ईरान के ऐतिहासिक संबंधों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका के दबाव में आकर भारत ने कई बार अपने हितों का नुकसान किया है।
- उनका मानना है कि सही जानकारी और निष्पक्षता की कमी के कारण अक्सर वैश्विक मुद्दों पर गलत धारणाएं बनाई जाती हैं।


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