शुक्रवार, 4 सितंबर 2026
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महंगे पेट्रोल पर अरविंद केजरीवाल का सवाल, कहा- 82 रुपये प्रति लीटर से भी सस्ता मिल सकता है पेट्रोल
अर्थव्यवस्था

महंगे पेट्रोल पर अरविंद केजरीवाल का सवाल, कहा- 82 रुपये प्रति लीटर से भी सस्ता मिल सकता है पेट्रोल

आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का हवाला देते हुए देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम करने की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि सही कैलकुलेशन के आधार पर देश में पेट्रोल 82 रुपये प्रति लीटर से भी कम कीमत पर मिलना चाहिए।

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान देश में महंगे पेट्रोल और डीजल के दामों को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें काफी कम होने के बावजूद देश में ईंधन के दाम कम नहीं किए जा रहे हैं, जिससे महंगाई लगातार बढ़ रही है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें पिछले कुछ महीनों में काफी कम हुई हैं। केजरीवाल ने आंकड़े देते हुए बताया कि:

  • फरवरी, मार्च, अप्रैल और मई के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल थी।
  • अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत घटकर 70 डॉलर प्रति बैरल रह गई है।
  • कच्चे तेल की कीमत 115 डॉलर से गिरकर 70 डॉलर पर आ जाने के बावजूद हमारे देश में पेट्रोल 102 रुपये प्रति लीटर बना हुआ है।

केजरीवाल की कैलकुलेशन, क्या होना चाहिए पेट्रोल का दाम

अरविंद केजरीवाल ने अपनी कैलकुलेशन के जरिए बताया कि कच्चे तेल की कम कीमतों का फायदा आम जनता तक क्यों नहीं पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि:

  • आज 70 डॉलर प्रति बैरल की कच्ची तेल की कीमत को एक्सचेंज रेट से गुणा करने पर, कच्चे तेल की कीमत 42 रुपये प्रति लीटर बैठती है।
  • इसमें रिफाइनिंग, ओएमसी मार्जिन और अन्य सभी टैक्स जोड़ने के बाद, देश में प्योर पेट्रोल की कीमत लगभग 82 रुपये प्रति लीटर तक आनी चाहिए।
  • यदि ई-20 पेट्रोल की बात की जाए, तो इसकी कीमत 82 रुपये से भी कम यानी करीब 70 रुपये प्रति लीटर तक होनी चाहिए।

तेल कंपनियों के बंपर मुनाफे और युद्ध के तर्कों पर सवाल

केंद्र सरकार और मंत्रियों के तर्कों पर निशाना साधते हुए केजरीवाल ने कहा कि यह कहना गलत है कि युद्ध की वजह से तेल कंपनियों को घाटा हुआ है जिसकी भरपाई अब की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि:

  • 2014 से लेकर आज तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 6 बार काफी कम हुई हैं, लेकिन सरकार ने देश के अंदर पेट्रोल के दाम नहीं घटाए।
  • पिछले तीन-चार साल से तेल कंपनियों को 77,000 करोड़ रुपये का बंपर मुनाफा हुआ है।
  • युद्ध के दौरान हुए थोड़े बहुत नुकसान को कंपनियां इस बंपर मुनाफे से आसानी से एडजस्ट कर सकती हैं।

सरकार से जनता की सीधी मांग

प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में केजरीवाल ने देश की जनता की तरफ से सरकार के सामने मांग रखी कि तुरंत इस दिशा में कदम उठाए जाने चाहिए। उनके मुताबिक, सरकार को शुद्ध पेट्रोल तुरंत 82 रुपये प्रति लीटर देना शुरू करना चाहिए और ई-20 पेट्रोल की कीमत तो और भी कम होनी चाहिए ताकि देश की जनता को महंगाई से बड़ी राहत मिल सके।

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