प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य गुरुदेव जीडी वशिष्ठ ने हाल ही में 'द जनपथ न्यूज़' को दिए एक साक्षात्कार में ज्योतिष शास्त्र से जुड़े कई बड़े खुलासे किए। उन्होंने लोगों के बीच प्रचलित उस धारणा को खारिज किया जिसमें कहा जाता है कि नाम बदलने से भविष्य बदल जाता है।
गुरुदेव वशिष्ठ ने विस्तार से बताया कि कैसे हमारे जीवन पर ग्रहों का प्रभाव होता है, और नाम, मोबाइल नंबर, गाड़ी के नंबर या घर की संख्या का हमारी किस्मत पर क्या असर पड़ता है या नहीं पड़ता है।
नाम बदलने से भविष्य बदलने की धारणा पर सच्चाई
गुरुदेव ने स्पष्ट किया कि प्राचीन काल में विद्वान लोग अपने यहां पैदा होने वाले बच्चों का नाम राम, कृष्ण या श्याम रख देते थे, जिसका उद्देश्य उन्हें भगवान बनाना नहीं बल्कि इंसानी दुख-सुख का सामना करने वाला इंसान बनाना था।
उन्होंने कहा:
- सिर्फ 'एस' हटा देने, या दो 'एन' और 'ए' बढ़ा देने से भाग्य नहीं बदलता।
- आज तक नाम बदलने से किसी की किस्मत बदलते न तो देखा गया है और न ही भविष्य में ऐसा कभी होगा।
- इसके पीछे केवल एक मनोवैज्ञानिक सहारा जरूर मिल सकता है कि हमने अपनी किस्मत बदलने के लिए कुछ किया है।
दुनियां के सफल लोगों के नामों में समानता
जब दुनिया के टॉप 100 लोगों के नामों के पैटर्न के बारे में पूछा गया, तो गुरुदेव ने बताया कि बिल गेट्स और मार्क जुकरबर्ग जैसे लोगों के नामों में कुछ भी एक जैसा नहीं होता।
उन्होंने कहा कि अगर मार्क जुकरबर्ग की सफलता की बात करें तो वह भी तकनीकी रूप से उनके केतु और शनि की अच्छी स्थिति के कारण है, न कि उनके नाम के पैटर्न की वजह से। गुरुदेव हमेशा ग्रहों की शुभ और अशुभ स्थिति को ही जीवन में सफलता-असफलता का मुख्य कारक मानते हैं।
धार्मिक मान्यताएं और ग्रहों का संबंध
गुरुदेव ने पुरानी मान्यताओं का जिक्र करते हुए बताया कि हमारे पूर्वज खाने की थाली में तीन ग्रास निकाला करते थे: एक गाय के लिए, एक कुत्ते के लिए और एक कौवे के लिए।
- गाय: गाय को कुछ खिलाने से शुक्र की ऊर्जा मिलती है, जो हंसना और नए आइडिया लाना सिखाती है।
- कुत्ता: कुत्ते को खिलाने से केतु और शनि की ऊर्जा प्रबल होती है, जो इंसान में नरमी, वफादारी और इंसानियत के गुण पैदा करती है।
- कौवा: कौवे को खिलाने से शनि और बुध की ऊर्जा मिलती है, जो दिमाग में चालाकी और बिजनेस करने का तरीका सिखाती है।
इन संस्कारों और जीवों की सेवा से धीरे-धीरे ग्रहों की ऊर्जा में सकारात्मक बदलाव आता है, जो अंततः व्यक्ति को सफलता दिलाता है।
मोबाइल नंबर और गाड़ी के नंबर का प्रभाव
मोबाइल नंबर और गाड़ी के नंबर के प्रभाव पर बात करते हुए गुरुदेव ने अपने निजी अनुभवों को साझा किया:
- मोबाइल नंबर से किस्मत बदलती है, ऐसा उन्होंने अपने या अपनों पर प्रयोग करके कभी नहीं देखा।
- गाड़ी या मकान के नंबर ज्योतिषीय दृष्टि से बहुत अहम होते हैं।
- गाड़ी या मकान के नंबरों में अगर परस्पर विरोधी ग्रह (आपसी दोस्ती या दुश्मनी वाले) आ जाएं, तो वह दुर्घटनाओं या परेशानियों का कारण बन सकते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि घर का नंबर अगर उत्तर-पश्चिम (North-West) दिशा में हो और वह शुभ योग कारक हो (जैसे 1121 नंबर, जो सूर्य, चंद्रमा और बुध का मेल बनाता है), तो वह परिवार के लिए राजयोग कारक और सुख-समृद्धिदायक साबित होता है।
लाल किताब और भगवान को पहचानने की विधि
साक्षात्कार के अंत में लाल किताब के बारे में बात करते हुए गुरुदेव ने कहा कि लाल किताब असल में भगवान को पहचानने की विधि है। भगवान ने इस दुनिया में सुख और दुख देने के जो टूल बनाए हैं, वे इंसान के भीतर ही मौजूद हैं।
- इंसान की सोच, उसके विचार और उसके कर्म ही उसका असली भाग्य तय करते हैं।
- चौथा घर चंद्रमा का होता है, और जन्मकुंडली के अलग-अलग घरों में ग्रहों की स्थिति के आधार पर ही व्यक्ति की सोच और उसके परिणाम तय होते हैं।


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