प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी के प्रदर्शन और उसके बाद मचे राजनीतिक बवाल को लेकर कांग्रेस नेता मुमताज़ पटेल ने एक साक्षात्कार में सनसनीखेज खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि किस तरह शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नेताओं और युवाओं को पुलिस द्वारा जबरन हिरासत में लिया गया और उनकी आवाज़ को दबाने की कोशिश की गई।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता
मुमताज़ पटेल के अनुसार, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित तमाम नेता और कार्यकर्ता प्रधानमंत्री आवास के बाहर पूरी तरह से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। वे कल छात्रों द्वारा उठाई जा रही मांगों की आवाज बनकर वहां पहुंचे थे।
- प्रदर्शनकारियों की संख्या बहुत ज्यादा नहीं थी, लेकिन वहां सुरक्षा बलों की भारी तैनाती थी।
- छात्रों की मांगों को उठाने के लिए वे जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभा रहे थे।
- हजारों की संख्या में पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया था।
बसों में भरकर जबरन किया गया डिटेन
मुमताज़ पटेल ने आरोप लगाया कि पुलिस और सुरक्षा बलों ने बसों में भरकर सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को जबरन हिरासत में लिया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार इतनी डर गई है कि वह जनता के सवालों का सामना करने से कतरा रही है।
- प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और अन्य नेताओं को पुलिस ने बस में बैठाकर डिटेन किया।
- कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार 56 इंच की मजबूत सरकार होने का दावा करती है, लेकिन जनता के सवालों से डरती है।
- विपक्ष जब भी कुछ करता है, उसे गंभीरता से लेने के बजाय उसमें साजिश ढूंढी जाती है।
विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश
मुमताज़ पटेल ने कहा कि जब भी विपक्ष सदन या सड़क पर बात रखने की कोशिश करता है, तो सरकार उसे बोलने नहीं देती। उन्होंने युवाओं के आक्रोश का जिक्र करते हुए कहा कि कल सड़क पर उतरे करोड़ों युवा छात्रों के भविष्य की लड़ाई लड़ रहे थे।
- सदन में विपक्ष को अपनी बात रखने की अनुमति नहीं दी जाती और स्पीकर भी सरकार के निर्देश पर काम करते हैं।
- कल का प्रदर्शन किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवा छात्रों के भविष्य का मुद्दा था।
- पुलिस ने पिछले दो घंटों से उन्हें उस क्षेत्र में जाने से रोका जहां राहुल गांधी प्रदर्शन कर रहे थे।
आगे क्या रहेगा संघर्ष का रुख
पत्रकार के यह पूछने पर कि क्या यह संघर्ष यहां रुकेगा या और बड़ा रूप लेगा, स्थिति पर सवाल उठाए गए। मुमताज़ पटेल ने स्पष्ट किया कि युवाओं और जनता का यह आक्रोश सरकार को एक बड़ा संदेश देता है कि अब जनता चुप बैठने वाली नहीं है।
- राहुल गांधी, अखिलेश यादव और प्रियंका गांधी की तस्वीरें साफ दिखाती हैं कि कैसे पुलिस ने बल प्रयोग किया।
- दिल्ली पुलिस और आरएएफ की भारी मौजूदगी के बावजूद जनता ने सड़क पर उतरकर अपनी ताकत दिखाई।
- यह देखना बाकी है कि क्या यह संघर्ष और बड़ा रूप लेगा या सरकार जनता की मांगों पर ध्यान देगी।


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