शुक्रवार, 4 सितंबर 2026
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जापानी प्रधानमंत्री की भारत यात्रा: पीएम मोदी और तakaichi के बीच रणनीतिक और आर्थिक सहयोग पर बड़ा ऐलान
अंतरराष्ट्रीय राजनीति

जापानी प्रधानमंत्री की भारत यात्रा: पीएम मोदी और तakaichi के बीच रणनीतिक और आर्थिक सहयोग पर बड़ा ऐलान

जापान की प्रधानमंत्री तकाइची सानाई की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने द्विपक्षीय संबंधों को एक नया आयाम देते हुए रक्षा, तकनीक, ऊर्जा और निवेश के क्षेत्र में कई बड़े ऐलानों की घोषणा की है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान की प्रधानमंत्री तकाइची सानाई की भारत की पहली यात्रा का स्वागत करते हुए दोनों देशों के बीच मजबूत होती साझेदारी की सराहना की। इस उच्च-स्तरीय बैठक में दोनों नेताओं ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत-जापान संबंधों को रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी का सबसे बड़ा स्तंभ बताया।

आर्थिक सहयोग और निवेश के नए आयाम

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत और जापान दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं और दोनों देशों की साझा प्राथमिकताएं क्षेत्रीय स्थिरता व प्रगति का मार्ग प्रशस्त करती हैं।

  • पिछले एक वर्ष में दोनों देशों के बीच लगभग 120 नए बिजनेस समझौते हुए हैं।
  • इन समझौतों के माध्यम से भारत में 10 अरब डॉलर से अधिक का जापानी निवेश आएगा।
  • वित्तीय सर्विसेज एजेंसियों के बीच हुए समझौतों से कैपिटल और इन्वेस्टमेंट को और बढ़ावा मिलेगा।
  • अगले 5 वर्षों में जापान से भारत में 10 ट्रिलियन येन निवेश और जापानी कंपनियों की संख्या दोगुनी करने का लक्ष्य रखा गया है।

रक्षा और सुरक्षा साझेदारी में ऐतिहासिक कदम

रक्षा प्रौद्योगिकी और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में दोनों देशों ने आपसी सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

  • भारत और जापान के बीच पहले को-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट, यानी 'नेवल रेडियो एंटीना यूनिकॉर्न' पर समझौता हुआ है।
  • यह प्रोजेक्ट डिफेंस टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप में एक नया अध्याय खोलेगा।
  • क्षेत्रीय शांति, समुद्री सुरक्षा और नियम-आधारित ऑर्डर को मजबूत करने के लिए रक्षा प्रौद्योगिकियों का सह-विकास किया जाएगा।
  • दोनों देश क्वाड और हिंद महासागर में अपने सहयोग को और व्यापक बनाएंगे।

ऊर्जा सुरक्षा और जैव गैस पहल

ऊर्जा संक्रमण और आर्थिक सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों ने मिलकर कई महत्वपूर्ण पहल की हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई शक्ति मिलेगी।

  • 'इंडिया-जापान बायोगैस इनिशिएटिव' के तहत भारत में 1,000 बायोगैस और ऑर्गेनिक फर्टिलाइज़र प्लांट्स लगाने में सहायता मिलेगी।
  • बैटरी, ग्रीन हाइड्रोजन और न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाया जाएगा।
  • आर्थिक सुरक्षा के लिए एक संयुक्त रोडमैप तैयार किया गया है, जिसके तहत सेमीकंडक्टर, क्वांटम और एडवांस्ड मैटेरियल्स जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सप्लाई चेन को मजबूत किया जाएगा।

लोगों से लोगों के संबंध और भविष्य की दिशा

दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि भारत-जापान के संबंधों की असली ताकत 'पीपल टू पीपल टाइज़' हैं, जिन्हें और मजबूत किया जा रहा है।

  • आगामी वर्ष में भारत-जापान कूटनीतिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी।
  • इस अवसर पर संस्कृति, पर्यटन और क्रिएटिव इकोनॉमी के सहयोग से दोनों देशों के संबंधों को और प्रगाढ़ किया जाएगा।
  • टैलेंट मोबिलिटी, स्किलिंग, टेक्निकल इंटर्नशिप प्रोग्राम्स के साथ-साथ रिसर्च, एजुकेशन और स्टार्टअप सहयोग को भी मजबूत किया जा रहा है।
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