आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। पार्टी नेता राघव चड्ढा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उनका कहना है कि मुख्यमंत्री मान और पंजाब सरकार ने एक 'फर्जी और फैब्रिकेटेड फॉरेंसिक रिपोर्ट' बनवाई है ताकि एक वीडियो से जुड़े सच को छिपाया जा सके।
फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट का आरोप
राघव चड्ढा ने दावा किया कि भगवंत मान और पंजाब सरकार ने एक फर्जी और फैब्रिकेटेड फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार करवाई है, ताकि बेअदबी के वीडियो से जुड़ा सच छिपाया जा सके। उन्होंने कहा:
- जो लोग इस बात को लेकर संशय में थे कि वीडियो असली है या एआई-जनरेटेड, उनके सभी संदेह अब दूर हो गए हैं।
- अगर वीडियो असली नहीं होता, तो सरकार को ऐसी फर्जी रिपोर्ट बनवाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
- आप पार्टी ने श्री अकाल तख्त साहिब को चैलेंज किया और सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ अभद्र टिप्पणियां कराईं।
सिख संगत में रोष और जांच की मांग
प्रेस कॉन्फ्रेंस में आगे कहा गया कि पूरी सिख संगत, गुरु नानक नाम लेवा संगत, आज आहत है और गुस्से में है।
- पूरी सिख संगत यह जानना चाहती है कि आप पार्टी के सिख विधायक गुरु साहब को समर्पित हैं या नहीं।
- यह जांच होनी चाहिए कि यह फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट कैसे प्रिक्योर की गई और इसमें कौन-से अधिकारी शामिल थे।
- सरकारी या प्राइवेट पैसे का इस्तेमाल कर रिश्वत देकर यह रिपोर्ट बनवाई गई या नहीं, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
दो प्रमुख मांगें
राघव चड्ढा ने अंत में सिख संगत की ओर से दो मुख्य मांगें रखीं:
- इस्तीफा: भगवंत मान, जिन्हें पंथ विरोधी और गुरुद्रोही करार दिया जा चुका है, वे पंजाब के मुख्यमंत्री पद से तुरंत इस्तीफा दें।
- एफआईआर और अभियोजन: नए बेअदबी कानून के तहत सबसे पहली एफआईआर और प्रोसीक्यूशन भगवंत मान के खिलाफ स्वयं होनी चाहिए।


0 टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले टिप्पणी करें।