शुक्रवार, 4 सितंबर 2026
The Janpath News
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: SC की सख्ती के बाद नई SIT के गठन की तैयारी, 22 जुलाई को ट्रस्ट की अहम बैठक
अपराध

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: SC की सख्ती के बाद नई SIT के गठन की तैयारी, 22 जुलाई को ट्रस्ट की अहम बैठक

अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में उत्तर प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत एक नई SIT का गठन करने जा रही है। इस मामले में अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और करीब 80 लाख रुपये की नकदी, संपत्ति व अन्य सामान बरामद किए गए हैं।

शेयर f X

अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में अब जांच की कमान बदलने की तैयारी है। सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में एक नई एसआईटी (SIT) का गठन कर सकती है, जिसकी अध्यक्षता एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी (आईजी किरण एस बन सकती हैं प्रमुख) करेंगे।

इस पूरे मामले में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस सरकार पर हमला बोलने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है, जबकि विपक्षी नेताओं का कहना है कि दोषियों को सख्त दंड मिलना चाहिए।

अब तक की जांच और कार्रवाई

पुलिस इस मामले में अब तक कई बड़ी कार्रवाई कर चुकी है, जिसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • जांच एजेंसियों ने इस मामले में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
  • आरोपियों के कब्जे और बैंक खातों से करीब 80 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
  • इसके अलावा विदेशी मुद्रा, आभूषण, गाड़ियां और प्रॉपर्टी के दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।
  • CCTV फुटेज में कर्मचारियों द्वारा पैसे छिपाने के सबूत मिलने के बाद ट्रस्ट की शिकायत पर FIR दर्ज की गई थी।

नई SIT का स्वरूप और उद्देश्य

नई व्यवस्था लागू होने के बाद मौजूदा एसआईटी में भी बदलाव किया जाएगा:

  • नई एसआईटी की कमान एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संभालेंगे।
  • पुरानी एसआईटी की जांच रिपोर्ट को नई टीम अपनी जांच का हिस्सा बनाएगी ताकि अब तक जुटाए गए सभी साक्ष्यों की दोबारा समीक्षा की जा सके।
  • सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में यह नई SIT पुराने निष्कर्षों और रिपोर्ट के आधार पर आगे बढ़ेगी।

22 जुलाई को राम मंदिर ट्रस्ट की दूसरी अहम बैठक

इस बीच, 22 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की दूसरी महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है, जिसका एजेंडा इस प्रकार है:

  • एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर चर्चा।
  • ट्रस्ट की समितियों का पुनर्गठन।
  • नए सीईओ की नियुक्ति और सदस्यों की कमी पर विचार।
  • समितियों की नई जिम्मेदारियां तय होना।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और सरकार का रुख

विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर सरकार और ट्रस्ट पर सवाल उठाए हैं, वहीं उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के सुझावों और निर्देशों के क्रम में सरकार हर कदम उठाने के लिए बाध्य है। योगी सरकार का स्पष्ट संदेश है कि दोषी कोई भी हो, वह बचेगा नहीं और सभी दोषियों से कड़ी पूछताछ होगी।

« होमपेज पर वापस जाएं

0 टिप्पणियाँ

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले टिप्पणी करें।

टिप्पणी लिखें