राम मंदिर चंदा चोरी मामले में हर गुजरते दिन के साथ जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इस पूरे मामले की जांच कर रही एसआईटी को सरकार ने 15 दिन का अतिरिक्त समय दे दिया है, ताकि हर दस्तावेज, हर लेनदेन और हर संदिग्ध कड़ी की बारीकी से जांच की जा सके।
इस बीच, जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, सियासत भी तेज होती जा रही है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और राजद ने आरोप लगाया है कि जांच का समय इसलिए बढ़ाया गया है ताकि बड़े आरोपियों को बच निकलने का मौका मिल सके, जबकि योगी सरकार ने साफ किया है कि जांच में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
एसआईटी जांच का विस्तार और बैंकिंग नेटवर्क तक पहुंच
एसआईटी ने अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए मनी ट्रेल की हर कड़ी को जोड़ने की प्रक्रिया तेज कर दी है। डिजिटल सबूतों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि चंदे की रकम कहां-कहां गई, किन खातों में पैसे ट्रांसफर हुए, और निवेश कहां और किसके नाम हुआ।
जांच अब बैंकिंग नेटवर्क तक भी पहुंच चुकी है और जांच एजेंसी ने कई बैंकों को नोटिस भेजे हैं:
- भारतीय स्टेट बैंक (SBI)
- केनरा बैंक
- बैंक ऑफ बड़ौदा
- अन्य संबंधित बैंक
एसआईटी ने इन बैंकों से पिछले 5 वर्षों के बैंक रिकॉर्ड मांगे हैं ताकि चंदे के वित्तीय नेटवर्क का पूरी तरह से खुलासा हो सके।
वकीलों का मोर्चा और राम जन्मभूमि कोतवाली में शिकायत
एक तरफ जहां एसआईटी अपनी जांच में जुटी है, वहीं अयोध्या में वकीलों ने राम मंदिर ट्रस्ट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आज वकील पैदल मार्च करते हुए राम जन्मभूमि कोतवाली पहुंचे और चंपा राय, गोपाल मिश्रा, अनिल मिश्रा तथा कृष्ण कांत छावसिया समेत अन्य लोगों पर एफआईआर दर्ज करने के लिए शिकायत पत्र सौंपा।
वकीलों का कहना है कि उन्होंने मुकदमा दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। तहरीर दे दी गई है और रिसीविंग मिल गई है, और अब देखना यह है कि इस मामले में आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाते हैं।
विपक्षी दलों और सत्ता पक्ष के तीखे बयान
इस पूरे घटनाक्रम पर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं:
- कांग्रेस और सपा: कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत और समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने आरोप लगाया है कि ट्रस्ट के नाम पर राजनीति और बड़े लोगों को बचाने की कोशिश हो रही है।
- आरजेडी: राजद सांसद मनोज झा ने भी कहा कि जांच में छोटी मछलियों पर दबिश देकर बड़ी मछलियों को बचाया जा रहा है।
- सत्ता पक्ष: यूपी के मंत्री ओपी राजभर, यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी और बीजेपी सांसद दिनेश शर्मा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर पारदर्शी और सख्त कार्रवाई हो रही है, और दूध का दूध, पानी का पानी होगा।


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