राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने मंदिर के निर्माण कार्यों की प्रगति पर एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्य अपनी अंतिम चरण में हैं और निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे कर लिए जाएंगे।
मुख्य निर्माण कार्य और समयसीमा
नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि मंदिर निर्माण कार्य में मुख्य रूप से दो बड़े कार्य अभी शेष थे, जिन्हें तेजी से पूरा किया जा रहा है:
- पुराने मंदिर के स्मारक से जुड़े कार्य को पूरा किया जा रहा है, जिसमें केवल 24 घंटे की 'ज्वाला' की व्यवस्था बाकी है।
- दूसरा पूर्ण स्मारक, यानी मंदिर निर्माण से संबंधित अंतिम कार्य, जुलाई के अंत तक पूरा हो जाएगा।
- इस प्रकार 30 जुलाई तक मंदिर का सभी निर्माण कार्य पूरी तरह पूर्ण हो जाएगा।
परिसर की अन्य परियोजनाएं
मंदिर निर्माण के अलावा परिसर के अन्य विकास कार्यों की भी एक निश्चित समयसीमा तय की गई है, जो इस प्रकार हैं:
- लगभग 4 किलोमीटर लंबी बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य लगातार चलता रहेगा।
- मंदिर परिसर के बाहर बनने वाले ऑडिटोरियम का कार्य नवंबर और दिसंबर तक पूरा होने की संभावना है।
- रामकथा संग्रहालय के तहत 20 गैलरियों की स्टोरी लाइन का कार्य पूरा हो चुका है, और अब टेक्नोलॉजी के साथ वीडियो के स्वरूप पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
रामलला के दर्शन का महत्व
नृपेंद्र मिश्रा ने राम भक्तों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी श्रद्धा के अनुसार भगवान राम लला के दर्शन करने आते हैं। उन्होंने इस स्थान को विश्व में अपने आप में अनोखा बताया और कहा कि सभी मंदिरों की अपनी महत्ता है, लेकिन लंबे संघर्ष और आंदोलन के बाद भगवान राम का अपने पुराने स्थान पर लौटना सनातन धर्म के हर व्यक्ति के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है।
व्यवस्था में सुधार की उम्मीद
गोविन्द देव गिरि महाराज द्वारा इस घटना को लेकर दी गई प्रतिक्रिया का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे व्यवस्था का एक प्रश्न बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में व्यवस्था में सुधार होगा और इस तरह की बातें या घटनाएं दोबारा नहीं दोहराई जाएंगी।


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