अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी के कथित मामलों और इसके बाद मचे राजनीतिक हड़कंप के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक आयोजित की गई। लगभग तीन घंटे चली इस बैठक में कई बड़े और चौंकाने वाले फैसले लिए गए, जिससे मंदिर प्रबंधन में बड़े बदलाव की शुरुआत हो गई है।
मंदिर परिसर में हुए इस घटनाक्रम पर विपक्षी दलों द्वारा बड़े पैमाने पर 20,000 करोड़ रुपये गायब होने और चढ़ावा चोरी के गंभीर आरोप लगाए गए थे। इन सभी विवादों और SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट पर चर्चा करने के लिए ट्रस्ट के सभी 14 सदस्यों को इस बैठक में आमंत्रित किया गया था।
चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे मंजूर
आज की इस बैठक का सबसे बड़ा फैसला ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर मुहर लगना रहा। ट्रस्ट के संविधान के अनुसार त्यागपत्र मिलते ही उसे स्वीकार मान लिया जाता है, जिसके तहत दोनों के इस्तीफे मंजूर कर लिए गए हैं।
- ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने स्पष्ट किया कि चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए हैं।
- ट्रस्ट के नियमों के अनुसार त्यागपत्र तुरंत प्रभाव से स्वीकार किए गए हैं।
कृष्ण मोहन को सौंपी गई नई जिम्मेदारी
चंपत राय के इस्तीफे के बाद ट्रस्ट के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए सेवानिवृत्त भारतीय वन सेवा अधिकारी और पूर्व महासंचालक कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
न नए महासचिव कृष्ण मोहन ने कार्यभार संभालते हुए कहा कि प्रबंधन और संचालन में कुछ कमियां रह गई थीं जिन्हें सुधारा जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि चढ़ावा चोरी प्रकरण में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें न्यायोचित सजा दिलाई जाएगी।
चढ़ावा चोरी के दावों और SIT रिपोर्ट पर चर्चा
बैठक में ट्रस्ट ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उन दावों की पोल खोली जिनमें चढ़ावा चोरी की बात कही जा रही थी। कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने प्रेस के सामने दस्तावेज और दान में मिली वस्तुओं के रजिस्टर पेश किए।
- ट्रस्ट के अनुसार दान में मिली 2,800 वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित हैं।
- ट्रस्ट के पास 2500 वस्तुओं का पूरा रजिस्टर उपलब्ध है।
- SIT की रिपोर्ट के आने के बाद 22 जुलाई को ट्रस्ट की अगली बैठक फिर होगी जिसमें आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।
गोविंद देव गिरि का कड़ा बयान
कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने चढ़ावा चोरी की घटना पर गहरा दुख और रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर अत्यंत बड़े संघर्ष और अनगिनत बलिदानों के बाद बना है, इसलिए इस तरह की घटनाएं बेहद लज्जाजनक हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
- गोविंद देव गिरि ने कहा कि मंदिर में हुई इस घटना से पूरा ट्रस्ट आहत और दुखी है।
- ट्रस्ट की मांग है कि हर अपराधी को सख्त से सख्त सजा मिले।
- एसआईटी जांच की फाइनल रिपोर्ट आने पर न्यासियों की नियुक्ति और अन्य फैसलों पर 22 जुलाई को मुहर लगेगी।


0 टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले टिप्पणी करें।