शुक्रवार, 4 सितंबर 2026
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राम मंदिर ट्रस्ट में अंदुरुनी कलह: गोविंद गिरी ने चंपत राय पर फोड़ा चोरी का ठीकरा
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राम मंदिर ट्रस्ट में अंदुरुनी कलह: गोविंद गिरी ने चंपत राय पर फोड़ा चोरी का ठीकरा

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में ट्रस्ट के भीतर विवाद गहराता जा रहा है। कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद गिरी महाराज ने पूर्व महासचिव चंपत राय की लापरवाही पर सवाल खड़े किए हैं, जबकि राम जानकी मंदिर के महंत संत दास ने उनके खिलाफ नारेबाजी की है।

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अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, राम मंदिर ट्रस्ट के भीतर अंदरूनी कलह और तीखे आरोप-प्रत्यारोप सामने आने लगे हैं। इस मामले में अब ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद गिरी महाराज ने ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय पर सीधे सवाल खड़े करते हुए उनकी लापरवाही को चोरी का जिम्मेदार ठहराया है।

एक तरफ जहां एसआईटी की जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ ट्रस्ट के पदाधिकारियों के बयानों और पुजारियों के विरोध प्रदर्शनों ने इस विवाद को और गंभीर बना दिया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गोविंद गिरी महाराज ने स्पष्ट किया कि चंपत राय द्वारा दिया गया इस्तीफा किसी दबाव में नहीं, बल्कि उनकी अपनी लापरवाही का परिणाम था।

गोविंद गिरी महाराज का चंपत राय पर तीखा प्रहार

कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद गिरी महाराज ने आरोप लगाया है कि जब दान प्रबंधन की जिम्मेदारी चंपत राय ने अनिल मिश्रा को सौंपी थी, तो चोरी की जवाबदेही और पूरी प्रक्रिया में उनका अपना रोल और लापरवाही अहम रही है। उन्होंने मीडिया में चल रही उन खबरों को सिरे से खारिज किया जिनमें उनके खुद के इस्तीफे की बात कही जा रही थी।

  • चंपत राय ने दान प्रबंधन की जिम्मेदारी अनिल मिश्रा को सौंपी थी।
  • चोरी की घटना के पीछे चंपत राय की लापरवाही बताई गई है।
  • गोविंद गिरी महाराज ने अपने इस्तीफे की खबरों को पूरी तरह झूठा करार दिया है।
  • मुश्किल वक्त में ट्रस्ट के साथ खड़ा होना जरूरी बताया गया है।

महंत संत दास का विरोध और 'रामद्रोही' के नारे

ट्रस्ट के अंदरूनी विवाद के बीच अयोध्या में भी चंपत राय के खिलाफ विरोध के स्वर उठने लगे हैं। राम जानकी मंदिर के महंत संत दास राम जन्मभूमि थाना पहुंचे और चंपत राय के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए उन्हें 'रामद्रोही' करार दिया।

  • महंत संत दास ने राम जन्मभूमि थाने पहुंचकर प्रदर्शन किया।
  • चंपत राय के खिलाफ 'रामद्रोही मुर्दाबाद' के नारे लगाए गए।
  • महंत ने कड़ाए शब्दों में कहा कि भगवान राम में दोष देखने वाले ऐसे लोग सहन करने योग्य नहीं हैं।
  • उन्होंने चंपत राय के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

दान प्रबंधन और जवाबदेही पर उठते बड़े सवाल

इस पूरे घटनाक्रम के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि यदि दान प्रबंधन की मुख्य जिम्मेदारी चंपत राय के पास थी, तो क्या चोरी की पूरी जवाबदेही भी उन्हीं की तय होगी। SIT जांच और ट्रस्ट के भीतर मचे घमासान के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मंदिर प्रशासन इस आंतरिक कलह को कैसे संभालता है।

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