संसद के सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अखिलेश यादव ने सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने अपने संबोधन में युवा वर्ग, परीक्षाओं में धांधली और देश की विभिन्न समस्याओं को जोरदार तरीके से उठाया।
सरकार पर तंज और विपक्षी रिश्तों की मजबूती
अखिलेश यादव ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जितना विपक्ष के लोग नजर रखेंगे, रिश्ते उतने ही मजबूत होंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन के बाद एक नया नारा दिया गया कि सरकार झुकती नहीं है, लेकिन नई पीढ़ी ने यह साबित कर दिया कि झुकाने वाला चाहिए तो सरकार भी झुकती है।
- सरकार को यह अहंकार था कि वह झुकती नहीं है।
- नौजवानों ने यह साबित कर दिया कि सरकार को झुकाना आता है।
- करोड़ों नौजवानों की मांग थी कि मंत्री इस्तीफा दें।
शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक पर सवाल
अखिलेश यादव ने देश और उत्तर प्रदेश में लगातार हो रहे पेपर लीक के मामलों पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि 10 साल की सरकार में कई परीक्षाएं लीक हुई हैं, जिससे छात्रों और उनके अभिभावकों का भविष्य खतरे में पड़ गया है।
- दरोगा भर्ती, जूनियर इंजीनियरिंग, और ग्राम विकास अधिकारी के पेपर लीक हुए।
- यूपी टीईटी का पेपर एक बार नहीं बल्कि तीन बार लीक हुआ।
- हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और नीट की परीक्षाओं में भी गड़बड़ी देखने को मिली।
प्राथमिक स्कूलों और रोजगार पर आघात
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ पर हमला किया है और प्राथमिक स्कूलों को बड़े पैमाने पर बंद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में हजारों की संख्या में सरकारी प्राइमरी स्कूल बंद कर दिए गए हैं, जिससे गरीब परिवारों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
- उत्तर प्रदेश में 26,386 से अधिक सरकारी प्राइमरी स्कूल बंद कर दिए गए हैं।
- 69,000 शिक्षक भर्ती में बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ है।
- अग्निवीर भर्ती में भी पदों की संख्या को काफी कम कर दिया गया है।
नीति और नीयत पर सवाल
अपने भाषण के अंत में अखिलेश यादव ने कहा कि सवाल कानून का नहीं, बल्कि सरकार की नीयत का है। उन्होंने कहा कि जब तक नीयत साफ नहीं होगी, तब तक परीक्षाओं में पारदर्शिता नहीं आ सकती और युवाओं के साथ हो रहे अन्याय का सिलसिला थमेगा नहीं।
- कानून बनाने से ज्यादा महत्वपूर्ण नीयत का साफ होना है।
- परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए सरकार को गंभीर कदम उठाने होंगे।
- युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।


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