संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में 'लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026' को लेकर भारी हंगामा देखने को मिला। पेपर लीक जैसे गंभीर अपराधों पर कड़े दंड प्रावधान वाले इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्षी सदस्यों द्वारा लगातार नारेबाजी और तख्तियां लहराई गईं।
इस स्थिति पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए सदन की गरिमा बनाए रखने और चर्चा में भाग लेने की अपील की। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी विपक्ष के इस रवैये पर आपत्ति जताते हुए इसे गलत संदेश बताया।
विधेयक का महत्व और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा
लोकसभा अध्यक्ष ने सदन में इस बात पर जोर दिया कि यह विधेयक देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य, उनकी मेहनत और आकांक्षाओं से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है।
- यह विधेयक पेपर लीक जैसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने का प्रयास है।
- दोषियों के विरुद्ध कठोर दंड के प्रावधान से देश के करोड़ों युवाओं के हितों की रक्षा होगी।
- इस विधेयक पर पहली बार 91 संशोधन भी आए हैं, जिससे इस पर व्यापक विचार-विमर्श की आवश्यकता है।
लोकतंत्र में चर्चा और सभी के विचारों का महत्व
स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि लोकतंत्र में हर सदस्य के मत और विचार आना ही व्यवस्था की असली ताकत होती है। उन्होंने सदस्यों को याद दिलाया कि उन्हें सदन में नारेबाजी करने के लिए नहीं, बल्कि विधेयक पर चर्चा करने के लिए चुनकर भेजा गया है।
- नारेबाजी और तख्तियां लहराने से किसी भी महत्वपूर्ण विधेयक पर सही निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता।
- सदन की कार्रवाई के नियमों और मर्यादाओं का पालन करना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की प्रतिक्रिया
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी सदन में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि इतने महत्वपूर्ण बिल पर पर्याप्त समय दिए जाने और संशोधन के नोटिस आने के बावजूद इस तरह चर्चा रोकना दुर्भाग्यपूर्ण है।
- मंत्री ने कहा कि पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) जैसे अहम बिल को चर्चा से रोकना गलत संदेश देता है।
- उन्होंने कांग्रेस पार्टी और अन्य विपक्षी साथियों से अनुरोध किया कि वे अपने साथियों को समझाएं और बिल पर सार्थक चर्चा शुरू करें।
सदन की कार्यवाही का स्थगन
सभी पक्षों को अपनी बात रखने और पर्याप्त समय देने के उद्देश्य से लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को शाम 5 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया, ताकि सरकार और सभी दल मिलकर इस पर सहमति बना सकें।
- अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यदि सदन सहमत हो तो चर्चा का समय और भी बढ़ाया जा सकता है ताकि हर सदस्य अपना विचार रख सके।
- शाम 5 बजे इस महत्वपूर्ण विधेयक पर आगे की चर्चा निर्धारित की गई है।


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