छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में एक कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के 'P' समीकरण और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर अपने विचार रखे।
अखिलेश यादव के 'P' समीकरण पर प्रतिक्रिया
जब शंकराचार्य से पूछा गया कि इस बार अखिलेश यादव अलग मूड में नजर आ रहे हैं और 'P' का मतलब पंडित बता रहे हैं, तो क्या वाकई ऐसा है, इस पर उन्होंने कहा कि यह उनका समीकरण है और अगर वह अपने 'P' का मतलब पंडित या पीड़ित बता रहे हैं, तो इसमें कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जो शब्द कोई व्यक्ति रखता है, वही उसका अर्थ बताता है और अगर वह पंडितों के पक्ष में खड़े हो रहे हैं, तो इसमें क्या खराबी है, जबकि कई बार पंडितों को निशाना बनाया जाता है और उनके कार्यक्रमों पर भी रोक लगाई जाती है।
यूपी के मुख्यमंत्रियों और गोमाता की रक्षा पर विचार
उत्तर प्रदेश के सबसे बेहतरीन मुख्यमंत्री के सवाल पर उन्होंने किसी एक का नाम लेने से तो इनकार किया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि अभी तक जितने भी मुख्यमंत्री यूपी में हुए हैं, उनमें से किसी के सामने भी पशु सूची में गोमाता का नाम आने पर उसे हटाने के लिए ऐसा कड़ा रुख नहीं देखा गया।
- शंकराचार्य ने कहा कि कोई भी मुख्यमंत्री ऐसा नहीं था जो गोमाता को पशु सूची में देखकर अधिकारियों से यह कहे कि इसे हटवाओ और बैठक करो।
- उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए दुर्भाग्य की बात है कि ऐसा मुख्यमंत्री अभी तक नहीं मिला जो कम से कम गोमाता के प्रति इस तरह की संवेदना रखता हो।
गौमाता की रक्षा के लिए संकल्प अभियान
शंकराचार्य ने बताया कि इस बार उत्तर प्रदेश के मतदाताओं को गौमाता की रक्षा के लिए संकल्प कराया जा रहा है और चुनाव में गौमाता के लिए वोट देने की इच्छा प्रकट की जा रही है।
- उन्होंने बताया कि अभी तक करीब 18 लाख लोगों ने गौमाता की रक्षा के लिए संकल्प लिया है।
- आगे और भी यात्राएं और प्रयास किए जाएंगे ताकि यह संख्या और बढ़े और राजनीतिक दल भी इस पर अपनी बात रखें।


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